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काला कोट पहनने से कोई ईमानदार नहीं हो जाता… फर्जी डिग्री और सोशल मीडिया पोस्ट पर भड़के CJI सूर्यकांत

सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने वरिष्ठ वकील का दर्जा दिए जाने की मांग वाली याचिका खारिज करते हुए कड़ी टिप्पणी की है.

CJI Suryakant initiatives

वरिष्ठ वकील का दर्जा दिए जाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने सख्त टिप्पणी की है. कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वे ‘तिलचट्टों’ जैसे है, जो आगे चलकर मीडिया, सोशल मीडिया और आरटीआई कार्यकर्ता बनकर सिस्टम पर हमले करते है.

सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने एक वकील की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है. कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कहा कि समाज में पहले से ही पैरासाइट (परजीवी)है, जो सिस्टम पर हमला करते हैं. अदालत ने कहा कि दुनिया में हर कोई सीनियर बनने के योग्य हो सकता है, लेकिन आप इसके हकदार नहीं है. अगर आपको दिल्ली हाई कोर्ट ने सीनियर वकील बना भी दिया, तो सुप्रीम कोर्ट आपके व्यवहार को देखते हुए उस फैसले को रद्द कर देगा.

फेसबुक-यूट्यूब पोस्ट की भाषा पर CJI की सख्त टिप्पणी

सीजेआई सूर्यकांत ने साफ किया कि अदालत फेसबुक, यूट्यूब समेत सोशल मीडिया पर न्यायपालिका के खिलाफ हो रही गतिविधियों पर नजर रख रही है. उन्होंने पूछा, वे जो कुछ भी पोस्ट कर रहे हैं, क्या उन्हें लगता है कि हम देख नहीं रहें हैं? सीजेआई याचिकाकर्ता द्वारा फेसबुक पर कथित तौर पर इस्तेमाल की गई भाषा का भी जिक्र किया और चेतावनी दी कि ऐसा बर्ताव लीगल प्रोफेशन के सदस्यों से उम्मीद किए जाने वाले अनुशासन के खिलाफ है. सीजेआई ने कहा कि लोगों को समझने दी कि आप फेसबुक पर किस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. मैं आपको दिखाऊंगा की प्रोफेशन में डिसिप्लिन का क्या मतलब है. कोर्ट ने आगे कहा कि समाज में पहले से ही पैरासाइट है, जो इंस्टिट्यूशन पर हमला कर रहे है और सवाल किया कि क्या याचिकाकर्ता उनसे हाथ मिलाना चाहता है.

फर्जी डिग्री वाले वकीलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की गंभीर चिंता

दिल्ली में कथित फर्जी डिग्री वाले वकीलों के मामले को लेकर भी सीजेआई सूर्यकांत ने कोर्ट में टिप्पणी की थी. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वकालत के पेशे में ऐसे कई लोग मौजूद है. जिनकी डिग्रियों की सच्चाई पर सवाल उठते है. अदालत ने संकेत दिए हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो इस पूरे मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा सकती है.

सीजेआई ने कहा कि काला कोट पहन लेने भर से कोई व्यक्ति ईमानदार वकील नहीं बन जाता. उन्होंने चिंता जताई कि न्याय व्यवस्था से जुड़े पेशे में अगर फर्जी डिग्री वाले लोग घुसपैठ करेंगे तो इससे आम लोगों का भरोसा कमजोर होगा.

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-भारत एक्सप्रेस



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