Bharat Express DD Free Dish

Chandigarh UT Quota को अखिल भारतीय कोटा में बदलने पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका

Medical Education Policy: नीट-पीजी में चंडीगढ़ यूटी कोटा को ऑल इंडिया कोटा में बदलने पर सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका, कोर्ट ने सुनवाई सीजेआई बी आर गवई को सौंपने का आदेश दिया.

Supreme Court
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

नीट-पीजी से जुड़े मामले में चंडीगढ़ यूटी कोटा को अखिल भारतीय कोटा में बदलने के खिलाफ दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने मामले को सीजेआई बी आर गवई के पास भेज दिया है. जस्टिस के वी विश्वनाथन और जस्टिस एन कोटिश्वर की पीठ ने यह आदेश दिया है.

दायर याचिका में कहा गया है कि इस तरह का बदलाव सुप्रीम कोर्ट द्वारा तन्वी बहल बनाम श्रेय गोयल मामले में दिए गए फैसले का उल्लंघन है. दरअसल चंडीगढ़ के केंद्र शासित प्रदेश कोटा सीटों को अखिल भारतीय कोटा सीटों में बदलने के फैसले पर आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में अवमानना याचिका दायर की गई है. तन्वी बहल बनाम श्रेय गोयल मामले में कोर्ट ने माना था कि पीजी मेडिकल सीटों में निवास-आधारित आरक्षण अस्वीकार्य है क्योंकि यह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है.

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि राज्य कोटे से एक भी सीट अखिल भारतीय कोटे में नहीं दी जा सकती है. वही केंद्र सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल अर्चना पाठक दवे ने कहा कि तन्वी बहल मामले में फैसले की कोई अवमानना नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि तन्वी बहल मामले में डोमिसाइल स्टेट कोटा रद्द कर दिया गया था, लेकिन फैसले में यह निर्धारित नही किया गया कि 25 फीसदी सीट कैसे भरी जाएगी.

बता दें कि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने चंडीगढ़ के फैसले को सही ठहराते हुए याचिका को खारिज कर दिया था. जिसमें पोस्ट ग्रेजुएट (पीजी) मेडिकल पाठ्यक्रमों की खाली पड़ी यूनियन टेरिटरी (यूटी) कोटे की सीटों को ऑल इंडिया कोटे में स्थानांतरित कर दिया गया था. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यूटी प्रशासन ने कानून की किसी वैध शक्ति के बिना यू-टर्न लेते हुए यह फैसला किया है, जो अधिकतम 50 फीसदी आल इंडिया कोटे से सीमा का भी उल्लंघन करता है.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read