दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पर अगस्त में हुए हमले का मामला अब सेशन कोर्ट पहुंच गया है. तीस हजारी कोर्ट ने प्राथमिकी सुनवाई के बाद मामले को सेशन कोर्ट में ट्रांसफर कर दिया है. तीस हजारी कोर्ट ने कहा कि यह अपराध गंभीर प्रकृति का है और इसकी सुनवाई सिर्फ सत्र न्यायालय में ही कि जा सकती है.
सनसनी फैलाने के लिए किया गया हमला
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि राजेश भाई खिमजी और सैयद ताहसीन रजा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है. कोर्ट 10 नवंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को यह भी बताया कि इस मामले में जांच पूरी हो चुकी है. सबूत इकठ्ठा कर लिया गया है.
पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान दोनों आरोपियों से कई दौर की पूछताछ की गई और घटनास्थल से बरामद साक्ष्य, वीडियो फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान रिपोर्ट का हिस्सा बनाये गए है. पुलिस द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट के मुताबिक यह हमला सनसनी फैलाने और प्रसिद्धि पाने के लिए किया गया था. आरोपी ने आवारा कुत्तों का बहाना बनाया था. जबकि वह इस मुद्दे का समर्थक नही था. 400 पन्नों के इस चार्जशीट में 40 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं.
कई धाराओं के साथ दर्ज हुआ था मामला
चार्जशीट में कहा गया था कि आरोपी सकरिया राजेशभाई खिमजीभाई और उसके दोस्त सैयद तहसीन रजा पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत विभिन्न अपराधों के लिए चार्जशीट दाखिल किया गया है. इसमें हत्या का प्रयास, हमला करना और एक लोक सेवक को उसके कर्तव्य निर्वहन से रोकना तथा आपराधिक साजिश शामिल है.
पुलिस ने शुरू में बीएनएस कई तीन धाराओं के तहत हत्या के प्रयास, सरकारी कर्मचारी को चोट पहुचाने और सरकारी काम में बाधा डालने का मामला दर्ज किया था. बाद में आपराधिक साजिश रचने, साक्ष्य मिटाने और आर्म्स एक्ट की धाराएं भी जोड़ दी. गत 20 अगस्त को मुख्यमंत्री के सिविल लाइंस स्थित कैप कार्यालय में जनसुनवाई चल रही थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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