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महिला पुलिसकर्मियों की बुनियादी सुविधाओं पर दिल्ली हाईकोर्ट सख्त, थानों में सर्वे कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के सभी थानों में महिला पुलिसकर्मियों के लिए मासिक धर्म से जुड़ी आवश्यक सुविधाओं की स्थिति का पता लगाने के लिए ग्राउंड सर्वे कराने का निर्देश दिया है.

delhi high court

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली पुलिस थानों में तैनात महिला पुलिसकर्मियों के लिए मासिक धर्म (पीरियड) के दौरान जरूरी सुविधाएं मुहैया कराने की मांग को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है. जिसपर कोर्ट दिल्ली पुलिस कमिश्नर को डारेक्ट किया है कि दिल्ली के सभी पुलिस थानों में महिलाओं के लिए उपलब्ध बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए ग्राउंड सर्वे कराए.

अदालत ने कहा कि यह पता लगाया जाए कि दिल्ली के कितने पुलिस थानों में महिलाओं के लिए अलग शौचालय मौजूद है और वहां सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीने लगी हैं या नहीं. यदि मशीन लगी है तो उनकी फिलहाल स्थिति क्या है और वे सही तरीके से काम कर रही हैं या नही. इसकी भी सर्वे कराने का निर्देश दिया है.

सर्वे के आधार पर तैयार होगी रिपोर्ट

कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं की गरिमा और स्वास्थ्य से जुड़ी बुनियादी सुविधाएं बेहद जरूरी है. हाईकोर्ट ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्वे के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अदालत के समक्ष पेश की जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें. यह याचिका ‘जस्टिस फॉर राइट्स फाउंडेशन’ की ओर से दायर की गई है.

फाउंडेशन का प्रतिनिधित्व मुस्कान सिंह कर रही हैं. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता कर्णिका सिंह, पूजा कुशवाहा और विपाशा जैन अदालत में पेश हुईं.

महिला पुलिसकर्मियों की सुविधाओं पर चिंता

दायर याचिका में दावा किया गया है कि दिल्ली के अधिकांश पुलिस थानों में महिलाओं में भी बुनियादी स्वच्छता सुविधाओ का आभाव है, जिससे उन्हें ड्यूटी के दौरान कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. दायर याचिका में कहा गया है कि बड़ी संख्या में पुलिस थानों में सैनिटरी पैड वेडिंग मशीने उपलब्ध नहीं है.

इसके अलावे इस्तेमाल किए गए सैनिटरी पैड के सुरक्षित निपटान के लिए इंसीनरेटर का इंतेजाम नहीं है. साथ कई स्थानों पर महिलाओं के लिए पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे और उपयोग योग्य शौचालयों की कमी की भी बात कही गई है.

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भारत एक्सप्रेस



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