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हिंडवेयर ट्रेडमार्क विवाद मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल की अपील पर जारी किया नोटिस, 24 जुलाई को अगली सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल की उस अपील पर नोटिस जारी किया है, जिसमें कंपनी ने हिंडवेयर ट्रेडमार्क को विज्ञापन कीवर्ड के रूप में इस्तेमाल करने से रोकने वाले सिंगल बेंच के फैसले को चुनौती दी है.

Delhi High Court Mother Daughter Relationship Attempt to Murder Case

दिल्ली हाई कोर्ट ने गूगल की अपील पर हिंडवेयर ट्रेडमार्क को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. गूगल ने सिंगल बेंच के उस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, जिसमें सिंगल बेंच ने गूगल को हिंडवेयर ट्रेडमार्क को विज्ञापन कीवर्ड के तौर पर इस्तेमाल करने से रोक दिया था. जस्टिस वी. कामेश्वर राव और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने सभी पक्षों से जवाब दाखिल करने को कहा है. कोर्ट 24 जुलाई को मामले में अगली सुनवाई करेगा.

मामले की सुनवाई के दौरान गूगल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कोर्ट से कहा कि इस मामले में अंतरिम राहत की जरूरत है. उन्होंने कहा कि किसी कंपनी के ट्रेडमार्क का इस्तेमाल केवल इंटरनेट सर्च को ट्रिगर करने के लिए किया जाए, तो उसे अपने ट्रेडमार्क उल्लंघन नही माना जा सकता है. उन्होंने यह भी कहा कि सिंगल बेंच ने अपने फैसले में उपभोक्ताओं के भ्रमित होने की कोई स्पष्ट बात नही कही है. इसपर कोर्ट ने कहा कि भ्रमके मुद्दे पर वह कोई टिप्पणी नही करेगा. लेकिन पहली नजर में यह मामला सुनवाई योग्य लग रहा है.

हिंडवेयर ट्रेडमार्क मामले में गूगल की अपील पर हाई कोर्ट करेगा सुनवाई

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद ही इस मुद्दे पर फैसला लिया जाएगा. दरअसल 22 मई को सिंगल बेंच ने सैनिटरीवेयर कंपनी हिंडवेयर के ट्रेडमार्क के दुरुपयोग के मामले में गूगल पर 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. जिसके खिलाफ गूगल ने डिवीजन बेंच में अपील दायर की है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा था कि गूगल केवल एक निष्क्रिय मध्यस्थ नहीं है, बल्कि विज्ञापन प्रणाली में सक्रिय भागीदारी के रूप में काम करता है और व्यावसायिक लाभ भी कमाता है. सिंगल बेंच ने अपने फैसले में कहा था कि विज्ञापनों के मामले में गूगल की भूमिका केवल एक मध्यस्थ या प्लेटफॉर्म प्रदान करने तक सीमित नहीं है.

गूगल की विज्ञापन रैंकिंग और कीवर्ड नीति पर सवाल

गूगल विज्ञापनदाताओं की कीवर्ड सुझाने और विज्ञापनों की रैंकिंग तय करने में सक्रिय भूमिका निभाता है. यह विवाद साल 2013 में तब शुरू हुआ था. सैनिटरीवेयर ब्रांड हिंडवेयर को पता चला कि उसकी कुछ प्रमुख प्रतिस्पर्धा कंपनियों, सेरा सैनिटरीवेयर और ग्रोहे इंडिया ने गूगल एडवडर्स प्रोग्राम के तहत हिंडवेयर शब्द को एक की वर्ड के रूप में खरीद लिया है. इसके कारण जब कोई यूजर हिंडवेयर सैनिटरीवेयर या इससे मिलते-जुलते शब्द सर्च करता था, तो हिंडवेयर के बजाए प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के प्रायोजित विज्ञापन दिखाई देते थे.

बाद में ग्रोहे, सेरा और ओमकारा इंफोवेब ने हिंडवेयर के साथ समझौता कर लिया, जिसके बाद मामले में केवल गूगल ही प्रतिवादी रह गया.

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