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‘जॉकी’ जैसा नाम रखकर मीशो पर बिक रहे थे इनरवियर, दिल्ली हाई कोर्ट ने लगाई रोक; लिस्टिंग हटाने का आदेश

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने मीशो को ‘जॉकी’ से मिलते-जुलते नामों वाले नकली इनरवियर ब्रांड्स की लिस्टिंग 36 घंटे में हटाने का आदेश दिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने मीशो से उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं की केवाईसी जानकारी भी मांगी है.

DELHI HIGH COURT
Edited by Shubhra Rai

Delhi High Court: दिल्ली हाई कोर्ट ने कई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म मीशो को ‘जॉयके’, ‘जॉयबी’, ‘जॉयएस’ और ‘जोजोक’ जैसे नामों से बेचे जा रहे इनरवियर उत्पादों की लिस्टिंग हटाने का निर्देश दिया. जस्टिस ज्योति सिंह की बेंच ने यह निर्देश दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि ये नाम पंजीकृत ‘,जॉकी’ ट्रेडमार्क से प्रथम दृष्टया मिलते जुलते है. चूंकि दोनों पक्ष एक जैसे उत्पाद बेच रहे है और उनके ग्राहक भी समान हैं, इसलिए उपभोक्ताओं के भ्रमित होने की पूरी संभावना है.

24 सितंबर को अगली सुनवाई

अदालत ने मीशो को यह भी निर्देश दिया कि वह चार सप्ताह के भीतर कथित उल्लंघन करने वाली कंपनियों की केवाईसी जानकारी, पंजीकृत पत्ते, मोबाइल नंबर, यूपीआई विवरण, लेनदेन रिकॉर्ड और आईपी लॉग जॉकी को उपलब्ध कराए. कोर्ट इस मामले में 24 सितंबर को अगली सुनवाई करेगा. अदालत ने मीशो से लिस्टिंग के पीछे विक्रेताओं का विवरण भी सार्वजनिक करने को कहा है.

कंपनियों को नोटिस भेजकर बंद करने कहा

मामले की सुनवाई के दौरान जॉकी ने अदालत को बताया कि जनवरी में उसे पता चला था कि उसके जैसे नामों वाले उत्पाद मीशो समेत अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे है. कंपनी की जांच में यह भी सामने आया कि एक कथित उल्लंघनकर्ता कंपनी ऐसे ही एक ट्रेडमार्क का पंजीकरण कराने की कोशिश कर रही है. जॉकी ने पहले संबंधित कंपनियों को नोटिस भेजकर ऐसे नामों का इस्तेमाल बंद करने को कहा, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई.

उत्पादों की लिस्टिंग ओर संबंधित यूआरएल हटा दिए जाएं

वहीं मीशो ने भी अदालत के आदेश के बिना इन उत्पादों की लिस्टिंग हटाने से इनकार कर दिया. इन तथ्यों को देखते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने संबंधित कंपनियों को जॉकी के ट्रेडमार्क का उल्लंघन करने वाले नामों से उत्पाद बनाने, बेचने और विपरण करने से अंतरिम रूप से रोक दिया. साथ ही मीशो को निर्देश दिया कि आदेश मिलने के 36 घंटे के भीतर ऐसे सभी उत्पादों की लिस्टिंग ओर संबंधित यूआरएल अपनी बेवसाइट से हटा दिए जाएं.

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-भारत एक्सप्रेस



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