Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

फेसबुक मार्केटप्लेस ‘दुकान’ नहीं, सिर्फ ‘नोटिस बोर्ड’ है, दिल्ली हाई कोर्ट की सीसीपीए को फटकार

दिल्ली हाई कोर्ट ने सीसीपीए को निर्देश दिया है कि फेसबुक मार्केटप्लेस पर वॉकी-टॉकी की अनाधिकृत बिक्री के मामले में मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक के खिलाफ बिना सुनवाई का मौका दिए कोई कठोर कार्रवाई न करें.

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) को निर्देश दिया है कि फेसबुक मार्केटप्लेस पर वॉकी-टॉकी की अनाधिकृत बिक्री के मामले में मेटा प्लेटफॉर्म्स इंक के खिलाफ बिना सुनवाई का मौका दिए कोई कठोर कार्रवाई न करें. सीसीपीए ने फेसबुक पर वॉकी-टॉकी की बिक्री पर 10 लाख रुपए का जुर्माना लगाया था. जस्टिस पुरुषैन्द्र कुमार कौरव की बेंच ने कहा है कि मेटा को अस्पष्ट और व्यापक निर्देश देकर दंडित नहीं किया जा सकता.

मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने सीसीपीए के आदेश का बचाव करते हुए कहा कि सीसीपीए के पास ऐसे निर्देश जारी करने का कानूनी अधिकार है. कोर्ट ने कहा कि अदालत का मानना है कि जब तक याचिकाकर्ता का कोई कार्य स्पष्ट रूप से किसी लागू नियम या कानून का उल्लंघन न हो, तब तक याचिकाकर्ता को दंडित नही किया जा सकता है.

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने यह स्पष्ट करने को कहा था कि सीसीपीए के आदेश को अधिकार क्षेत्र से बाहर कैसे कहा जा सकता है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता से यह भी पूछा था कि नेशनल कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन इस मामले पर विचार क्यों नही कर सकता.

फेसबुक मार्केटप्लेस व्यावसायिक प्लेटफॉर्म नहीं- मुकुल रोहतगी

मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने कोर्ट को बताया था कि अमेजॉन और फ्लिपकार्ट के उलट फेसबुक कोई ई-मार्केट नही है, बल्कि सिर्फ एक नोटिस बोर्ड है. इसलिए सीसीपीए का इस पर कोई अधिकार नही बनता है. उन्होंने यह भी कहा था कि यह केवल फेसबुक उपभोक्ताओं के लिए एक नोटिस बोर्ड है. हम कोई दुकान नही है. कोई व्यावसायिक बिक्री की अनुमति नहीं हैं. कोई शुल्क नहीं लिया जाता. हम किसी से शुल्क नहीं लेते. सीसीपीए ने एक जनवरी 2026 को पारित आदेश में कहा था कि मेटा ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, उसके नियमों एवं सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का उल्लंघन किया है, क्योंकि उनसे फेसबुक मार्केटप्लेस पर वॉकी-टॉकी को बिना अनिवार्य खुलासों के सूचीबद्ध होने दिया.

मेटा द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि फेसबुक मार्केटप्लेस एक मुफ्त सेवा है, जिसे विशेष रूप से व्यक्तियों द्वारा व्यक्तिगत क्षमता समान बेचने या आदान प्रदान करने के लिए तैयार किया गया है. लिहाजा सीसीपीए के आदेश को रद्द किया जाए.

ये भी पढ़ें: UPSC परीक्षा में दिव्यांगों की अनदेखी? दिल्ली हाई कोर्ट सख्त, केंद्र और UPSC को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital