दिल्ली हाईकोर्ट ने एनडीपीएस मामले में गिरफ्तार विदेशी नागरिक को जमानत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि विदेशी नागरिक होने के आधार पर नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट, 1985 के तहत जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता है. खासकर तब जब आरोपी का पासपोर्ट जब्त कर लिया गया हो.
न्यायमूर्ति शालिंदर कौर ने यह कहते हुए एनडीपीएस मामले में किर्गिस्तान का पासपोर्ट रखने वाली एक महिला को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. अभियोजन पक्ष ने याचिकाकर्ता के विदेशी नागरिक होने के आधार पर जमानत देने का विरोध किया था और कहा था कि वह जमानत पर रिहा होने के बाद फरार हो सकती है.
न्यायमूर्ति ने जमानत याचिका को स्वीकार करते हुए कहा कि आरोपी के लंबे समय तक कैद में रहने एवं मुकदमे का प्रारंभिक चरण में होने के आधार पर जमानत याचिका को लंबित रखने से कोई लाभ नहीं होगा. इस स्थिति में उसे 30 हजार रुपए के व्यक्तिगत मुचलके एवं उतनी ही राशि के दो जमानतदार देने के आधार पर जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया जाता है.
इस मामले में नवंबर 2024 में एनडीपीएस अधिनियम की धारा 20, 25 और 29 के तहत प्राथमिकी दर्ज किया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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