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दिल्ली दंगा केस: उमर खालिद को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, बीमार मां की सर्जरी के लिए मिली 3 दिन की अंतरिम जमानत!

Umar Khalid Interim Bail Granted: यूएपीए (UAPA) के तहत जेल में बंद उमर खालिद को दिल्ली हाई कोर्ट ने 1 जून सुबह 7 बजे से 3 जून शाम 5 बजे तक के लिए अंतरिम जमानत दी है. खालिद ने मां की सर्जरी और चाचा के चेहलुम में शामिल होने के लिए कोर्ट से राहत मांगी थी.

delhi high court
Edited by Shubhra Rai

Umar Khalid Interim Bail Granted: दिल्ली हाई कोर्ट से दिल्ली दंगा मामले में कथित आरोपी उमर खालिद को अंतरिम जमानत मिल गई है. हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यह अंतरिम जमानत 1 जून को सुबह 7 बजे से 3 जून को शाम 5 बजे तक लागू रहेगी. जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस अरविंद डुडेजा की सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद यह फैसला दिया है. ताकि वह अपनी बीमार मां की सर्जरी के दौरान उनकी देखभाल कर सके और अपने चाचा के चेहलुम अनुष्ठान में भाग ले सके.

पिछले 5 साल 8 महीने से जेल में बंद

मामले की सुनवाई के दौरान खालिद की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि वह पिछले 5 साल 8 महीने से जेल में बंद है और इस दौरान उसे सिर्फ दो बार अंतरिम जमानत मिली है. एक बार अपने चचेरे भाई के शादी में और दूसरी बार अपनी बहन की शादी के लिए. इसपर कोर्ट ने दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील से कोर्ट ने पूछा कि क्या मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की गई है.

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने जवाब दिया गया अदालत को सभी तथ्यों से अवगत करा दिया गया है. खालिद के अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने कहा कि उमर खालिद की मां का सर्जरी मामूली सर्जरी है, और उनकी देखभाल के लिए परिवार में उनकी 5 बहन है. उन्होंने कोर्ट को सुझाव दिया कि सिर्फ एक दिन के लिए खालिद को अंतरिम जमानत दिया जाए.

अंतरिम जमानत याचिका खारिज

उमर खालिद ने 15 दिन की अंतरिम जमानत की मांग की थी. ताकि वे अपनी बीमार मां की सर्जरी के दौरान उनकी देखभाल कर सकें और दिवंगत चाचा की मौत के बाद चेहलुम अनुष्ठान में शामिल हो सके. निचली अदालत ने अंतरिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि सिर्फ इसलिए कि उमर खालिद और अन्य आरोपियों को पहले अंतरिम जमानत दी जा चुकी है और उन्होंने कभी भी शर्तो का उल्लंघन नहीं किया है. इसका मतलब यह नहीं है कि जब भी आरोपी जमानत मांगे, तो उसे हर बार जमानत दी जानी चाहिए.

53 लोग मारे गए, 700 से अधिक घायल

इससे पहले कोर्ट ने बहन की शादी में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत दे चुका है. खालिद को 2020 के दिल्ली दंगों में पीछे कथित बड़ी साजिश के मामले में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया था. फिलहाल वो जेल में है. इससे पहले 18 अक्टूबर 2022 को दिल्ली हाई कोर्ट ने उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दिया था. खालिद, शरजील इमाम और कई अन्य पर फरवरी 2020 के दंगों के कथित तौर पर मास्टरमाइंड होने के लिए आतंकवाद विरोधी कानून गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और 700 से अधिक घायल हुए थे.

2020 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया

बता दें कि सीएए और एनआरसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. खालिद को सितंबर 2020 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था. 28 मई को ट्रायल कोर्ट ने खालिद की दूसरी बार नियमित जमानत की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया था और कहा था कि उसकी पहली जमानत याचिका को खारिज करने वाला उसका पिछला आदेश अंतिम हो गया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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