दिल्ली हाईकोर्ट ने दक्षिण दिल्ली के हजरत निजामुद्दीन स्थित 14वीं शताब्दी की कलान मस्जिद के अंदर हो रहे निर्माण पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है. न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने कहा कि मस्जिद के परिसर के भीतर किसी भी निर्माण को लेकर यथास्थिति बनाए रखी जाए.
न्यायमूर्ति ने इसके साथ ही दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) एवं भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) को मस्जिद का संयुक्त निरीक्षण करने एवं सुनवाई की अगली तारीख 15 अप्रैल से पहले एक रिपोर्ट पेश करने को कहा है. उन्होंने कहा कि इस दौरान दिल्ली वक्फ बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे.
अधिकारियों को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का दिया निर्देश
न्यायमूर्ति ने हजरत निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन के एसएचओ को संयुक्त निरीक्षण के समय एएसआई और एमसीडी के अधिकारियों को पुलिस सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया है. उन्होंने यह निर्देश दो लोगों की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया जिसमें मस्जिद को संरक्षित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई है. याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि मस्जिद परिसर के भीतर अनाधिकृत निर्माण हो रहा है.
एमसीडी के वकील ने कहा कि संबंधित अधिकारियों ने 4 अप्रैल की सुबह संपत्ति का निरीक्षण किया था. मस्जिद के अंदर कुछ निर्माण किया जा रहा था. एएसआई के वकील ने कहा कि उन्हें अभी इस मामले में निर्देश प्राप्त करने होंगे. वक्फ बोर्ड के वकील ने कहा कि मस्जिद के अंदर कोई अनाधिकृत निर्माण नहीं हो रहा है. इसपर कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा है तो अगली सुनवाई तक कोई और निर्माण नहीं किया जाए. साथ ही निर्माण को लेकर यथास्थिति बनाए रखी जाए.
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-भारत एक्सप्रेस
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