Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

दिल्ली हाई कोर्ट ने वकील के खिलाफ शुरू की आपराधिक अवमानना की कार्रवाई

दिल्ली हाई कोर्ट ने वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू की है. कोर्ट ने कहा कि यह आचरण अवमानना अधिनियम 1971 के तहत आता है.

अदालत और जजों पर भ्रष्टाचार जैसे गंभीर आरोप लगाना एक वकील को महंगा पड़ गया है. दिल्ली हाई कोर्ट के जस्टिस अमित महाजन ने संबंधित वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू कर दी है. वकील पर आरोप है कि उसने न्यायपालिका और न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए और अदालत को अपमानित करने वाला ईमेल भेजे थे. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि पहली नजर में वकील का आचरण अदालत अवमानना अधिनियम 1971 की धारा 2 (सी) के तहत आपराधिक अवमानना के दायरे में आता है. कोर्ट 19 नवंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा. कोर्ट अगली तारीख में भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले वकील को कोर्ट में मौजूद रहने को कहा है.

हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध तथ्यों और सामग्री के आधार पर वकील ने आपराधिक अवमानना किया है. जिसके लिए उसके खिलाफ अवमानना की औपचारिक कार्यवाही शुरू की जाएगी. अदालत में प्रस्तुत दस्तवेज़ों के आधार पर कोर्ट ने पाया कि वकील के आरोप निराधार, निंदनीय और न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले है. कोर्ट ने यह भी कहा है कि इस तरह के आरोप निराधार, निंदनीय और न्यायपालिका की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है. कोर्ट ने कहा कि ऐसे आरोप अदालत के अधिकार क्षेत्र को कमजोर करने और उसकी साख को धूमिल करने के समान हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया और न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप होता है.

न्यायपालिका की साख और अधिकार सर्वोपरि

वकील द्वारा भेजे गए ईमेल के मुताबिक उसने न्यायपालिका पर न्यायिक आतंकवाद, न्यायिक आपातकाल, न्यायिक भ्रष्टाचार और न्यायिक सामूहिक षड्यंत्र जैसे आरोप लगाया गया है. वकील ने न्यायिक जवाबदेही विधेयक लाने की भी मांग की है. उसका आरोप है कि न्यायपालिका में भ्रष्टाचार की वजह से उसने अपने जीवन के 10 बहुमूल्य वर्ष गंवा दिया है.

बता दें कि यह मामला 2023 में दायर किया गया था. जिसमें वकील के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई थी. दिसंबर 2023 में वकील ने अदालत से भविष्य में दोबारा गलती न करने का आश्वासन देते हुए माफी भी मांग लिया था, लेकिन 2024  में दोबारा उसने ऐसे ही हरकत किया. जिसके बाद उसके खिलाफ अवमानना का कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.

ये भी पढ़ें: दिल्ली हाईकोर्ट ने रूपा पब्लिकेशन की संविधान पॉकेट एडिशन बिक्री पर लगाई रोक

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital