दिल्ली हाई कोर्ट ने चुनाव आयोग को आगामी बिहार विधानसभा चुनाव के लिए अखिल भारतीय जनसंघ को एक समान पार्टी चुनाव चिन्ह आवंटित करने को निर्देश दिया है. जस्टिस मिनी पुष्करणा की कोर्ट ने चुनाव आयोग को यह आदेश दिया है. अदालत ने कहा कि पार्टी को चुनाव प्रतीक आदेश की जरूरतों के अनुसार चुनाव आयोग को आवश्यक आवेदन जमा करना होगा.
अखिल भारतीय जनसंघ ने अपनी याचिका में मांग की थी कि चुनाव आयोग को पार्टी के 25 अगस्त के आवेदन पर विचार करने और अखिल भारतीय जनसंघ के बैनर तले बिहार विधानसभा चुनावों के लिए उसे एक साझा चुनाव चिन्ह आवंटित करने का निर्देश देने की मांग की गई थी.
चुनाव आयोग की चुप्पी पर हाई कोर्ट का संज्ञान
मामले की सुनवाई के दौरान पार्टी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि अखिल भारतीय जनसंघ का नाम चुनाव आयोग ने 20 अक्टूबर 1989 के अपने पत्र के माध्यम से विधिवत पंजीकृत किया था. उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने पार्टी में आंतरिक विवाद का हवाला देते हुए बिहार चुनावों के लिए साझा चुनाव चिन्ह आवंटित करने से इनकार कर दिया था.
हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग की ओर से पेश रोहिणी प्रसाद ने आयोग द्वारा अर्जी को खारिज किए जाने का कारण बताया था. जनसंघ ने दायर याचिका में कहा है कि उसने 2 जून को पार्टी चुनाव चिन्ह आवंटित करने के लिए चुनाव आयोग को आवेदन किया था. जवाब नहीं मिलने पर 4 जुलाई को एक रिमाइंडर भी भेजा था. फिर भी चुनाव आयोग से कोई जवाब नहीं मिला है. इसलिए उसे अदालत का रुख करना पड़ा.
चुनाव से पहले जनसंघ को न्यायिक राहत की मांग
जनसंघ वर्ष 1989 में पंजीकृत एक गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल है, जो भारतीय जनसंघ से अपनी उत्पत्ति का दावा करता है. याचिका के अनुसार पार्टी को चुनाव लड़ने का संवैधानिक और वैधानिक अधिकार है. चुनाव चिन्ह आवंटित न होने से बिहार चुनाव लड़ने का उसका अवसर छिन जाएगा.
ये भी पढ़ें: कफ सिरप पीने से बच्चों की हुई मौत मामले में दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 10 अक्टूबर को करेगा सुनवाई
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

