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दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश: सैनिकों के लिए 25 लाख की अग्रिम राशि, 40 दिन में बनेगा बेली ब्रिज

दिल्ली हाई कोर्ट ने सैनिकों की सुविधा के लिए पीडब्ल्यूडी को 25 लाख रुपये अग्रिम देने का आदेश दिया है, जिससे सेना 40 दिन में अस्थायी बेली ब्रिज बना सके. स्थायी फुटओवर ब्रिज के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है.

Delhi High Court, Child Trafficking
Edited by Akansha

दिल्ली हाई कोर्ट (Delhi High Court) ने लोक निर्माण विभाग को राजपुताना राइफल्स के सैनिकों के लिए बेली ब्रिज के निर्माण के लिए 25 लाख रुपए अग्रिम देने का आदेश दिया है. सैनिकों को प्रत्येक दिन सुबह अपने बैरक से परेड ग्राउंड की ओर जाते समय एक गंदे नाले से होकर गुजरना पड़ता है. जस्टिस प्रतिबा मनिंदर सिंह और जस्टिस मनमीत प्रीतम सिंह अरोड़ा की पीठ ने यह आदेश दिया है.

भुगतान होने के तुरंत बाद सभी एजेंसियां निर्माण संबंधी सीमा का करेगी पालन

कोर्ट ने यह भी कहा कि भुगतान होने के तुरंत बाद सभी एजेंसियां निर्माण संबंधी सीमा का पालन करेगी. कोर्ट ने यह आदेश लिए गए स्वतः संज्ञान के मामले में सुनवाई के बाद दिया है. यह घटनाक्रम तब हुआ जब यह सहमति बनी कि फुटओवर ब्रिज के निर्माण के लिए 10 महीने चाहिए. तब तक के लिए सेना को राशि दिया जाए जिससे कि वह खुद 40 दिनों के भीतर अपने लिए बेली ब्रिज का निर्माण कर ले.

अदालत ने पीडब्ल्यूडी को दिया निर्देश

अदालत ने पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया है कि वह सैनिकों के लिए फुटओवर ब्रिज के निर्माण को लेकर निविदा प्रक्रिया शुरू कर दे और अगली सुनवाई तक रिपोर्ट दाखिल कर दे. इस बीच 18 जून 2025 के आदेश के अनुसार पुलिया का रखरखाव जारी रखा जाए. उसने 18 जून को अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा था कि पुलिया में जलभराव न हो जिससे सैनिकों की आवाजाही में कोई बाधा न आए.

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पुलिया से पानी निकालने को लेकर नियमित निगरानी करने का दिया आदेश

साथ ही अधिकारियों को पुलिया से पानी निकालने को लेकर नियमित निगरानी करने का भी निर्देश दिया था. कोर्ट ने फरवरी में विशेष कार्य बल को दिल्ली में तैमूर नाले के प्राकृतिक प्रवाह को बाधित करने वाले सभी अवैध अतिक्रमणों और निर्माणों को हटाने का निर्देश दिया था. उसमें एक पांच मंजिला इमारत भी शामिल है. उसने कहा था कि नाले को गिराने और विस्तार करने का काम सही तरीके से जारी रहना चाहिए. साथ ही नाले की सफाई एक सतत रूप में की जानी चाहिए. उसके तहत सुबह व शाम कम से कम दो बार काम किया जाना चाहिए. कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि नाले के आसपास के कचरे की सफाई एमसीडी की जिम्मेदारी होगी.

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-भारत एक्सप्रेस 



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