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दिल्ली दंगा मामला: हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस से पूछा- आरोपी को कितने साल तक जेल में रखा जा सकता है?

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 दिल्ली दंगों के आरोपी तस्लीम अहमद की जमानत याचिका पर सुनवाई की. कोर्ट ने पुलिस से पूछा कि दंगों को पांच साल बीत चुके हैं, फिर भी आरोपी को कितने साल जेल में रखा जा सकता है? अगली सुनवाई 9 जुलाई को होगी.

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Vijay Ram Edited by Vijay Ram

दिल्ली हाईकोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े बड़े साजिश केस में जमानत याचिका पर सुनवाई की. जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैधनाथन शंकर की पीठ ने दिल्ली पुलिस से सवाल किया कि दंगों को पांच साल बीत चुके हैं, फिर भी आरोपी तस्लीम अहमद को कितने साल तक जेल में रखा जा सकता है? यह सवाल अहमद के वकील द्वारा मुकदमे में देरी का हवाला देने के बाद उठा. अगली सुनवाई 9 जुलाई 2025 को होगी.

जमानत की मांग
तस्लीम अहमद के वकील महमूद प्राचा ने कोर्ट में कहा कि वे मामले के गुण-दोष पर नहीं, बल्कि मुकदमे में देरी और समानता के आधार पर दलील दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि 2021 में सह-आरोपियों नताशा नरवाल, देवांगना कलिता और आसिफ इकबाल तन्हा को देरी के आधार पर जमानत मिल चुकी है. अहमद 24 जून 2020 से जेल में हैं, और 700 गवाहों वाले इस मामले में ट्रायल जल्द खत्म होने की संभावना नहीं है.

पिछली याचिका खारिज
इससे पहले, कड़कड़डूमा कोर्ट ने 22 फरवरी 2024 को अहमद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी. याचिका में उन्होंने सह-आरोपियों के साथ समानता का आधार दिया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी दलीलों को ठुकरा दिया. अहमद के साथ शरजील इमाम, उमर खालिद, ताहिर हुसैन जैसे अन्य आरोपी भी इस साजिश केस में शामिल हैं.

मुकदमे में देरी

वकील ने कहा कि अहमद का मुकदमा अन्य आरोपियों से अलग है. पिछले एक साल में पांच सह-आरोपियों ने अपनी दलीलें पूरी की हैं, लेकिन ट्रायल की प्रगति धीमी है. कोर्ट ने पुलिस से जवाब मांगा कि ऐसी स्थिति में जमानत पर क्या विचार है.



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