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दिल्ली हाईकोर्ट से कपिल मिश्रा को राहत, आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में ट्रायल पर अंतरिम रोक

Legal News: दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ आदर्श आचार संहिता उल्लंघन मामले में निचली अदालत की ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी.

Kapil Mishra, Delhi Riots 2020

कपिल मिश्रा

Legal News: दिल्ली हाईकोर्ट से दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा को बड़ी राहत मिल गई है. दिल्ली हाई कोर्ट नेआदर्श आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में कपिल मिश्रा के खिलाफ निचली अदालत में चल रही ट्रायल पर अंतरिम रोक लगा दिया है. जस्टिस रविंदर डुडेजा ने यह आदेश दिया है कोर्ट 13 अक्टूबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

मामले की सुनवाई के दौरान कपिल मिश्रा की ओर से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि निचली अदालत के निर्देशानुसार जांच एजेंसी ने एक्स से जानकारी मांगी थी. जवाब में एक्स ने डेटा डाउनलोड करने के लिए एक URL लिंक दिया था, जिसे जांच एजेंसी ने एक्सेस किया और एक पूरक आरोप पत्र के साथ प्रस्तुत किया. उन्होंने कहा कि चूंकि दस्तावेज समझ इसे परे है, लिहाजा अभियोजन पक्ष को आरोपों पर बहस सुनने से पहले याचिकाकर्ता को व्याख्या किए गए दस्तवेज उपलब्ध कराना चाहिए, नही तो मुकदमा प्रभावित होने की संभावना है.

निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक

कोर्ट ने मिश्रा के खिलाफ 2020 में कथित तौर पर आपत्तिजनक बयान देने और आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन के मामले में निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर 28 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था. यह याचिका दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा ने दायर की है. दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर बहस चल रही थी. लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बाद अब इस मामले में फिलहाल आरोप तय नही होगा. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने निचली अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.

हाई कोर्ट ने कहा था कि अधीनस्थ अदालत की सुनवाई पर रोक लगाने की कोई जरूरत नहीं है. इस अदालत को सुनवाई पर रोक लगाना जरुरी नहीं लगता. कोर्ट ने कहा था अधीनस्थ अदालत आगे बढ़ने के लिए स्वतंत्र है. मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कहा था कि ट्वीट का मकसद दो धार्मिक समुदायों के बीच नफरत को बढ़ावा देना था.

2020 के चुनाव में आपत्तिजनक पोस्ट का आरोप

उन्होंने कहा था कि इस मुद्दे पर दो अदालतों के निष्कर्ष एक जैसे है और मिश्रा की दलीलों पर आरोप तय करने के दौरान विचार किया जा सकता है. हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि वह स्पेशल जजों की टिप्पणियों से प्रभावित न हो और स्वतंत्र प्रस्तुतियों के आधार पर आरोप तय करने पर विचार करें.

कोर्ट ने कहा था कि यह स्पष्ट किया जाता है कि आरोप तय करने के मामले पर विचार करते समय ट्रायल कोर्ट द्वारा की गई स्वतंत्र प्रस्तुतियों पर विचार करेगा. कपिल मिश्रा ने 23 जनवरी 2020 को एक्स पर पोस्ट कर दिल्ली विधानसभा चुनाव के संबंध में सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक बयान पोस्ट किए थे. निर्वाचन अधिकारी ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी. जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई हैं.

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-भारत एक्सप्रेस 



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