दिल्ली हाई कोर्ट ने ऑनलाइन हेल्थ सर्विस एग्रीगेटर्स के खिलाफ कार्रवाई न किए जाने के आरोपों पर दाखिल अवमानना याचिका पर संबंधित पार्टी को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है. कोर्ट 15 जुलाई 2026 को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.
डॉक्टर रोहित जैन के वकील शशांक.देव सुधि की ओर से दायर अवमानना याचिका पर जस्टिस सचिन दत्ता ने यह नोटिस जारी किया है. दायर याचिका में 6 अगस्त 2020 को दिए गए आदेशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है. दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश में कहा गया था कि दिल्ली में कानून का उल्लंघन कर रहे किसी भी अवैध ऑनलाइन हेल्थ सर्विस एग्रीगेटर के खिलाफ क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 के तहत कार्रवाई की जाएगी. दायर अवमानना याचिका में दिल्ली सरकार सहित संबंधित अधिकारियों पर अदालत के आदेश का अवहेलना का आरोप लगाया है.
दायर याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में एक ऑनलाइन हेल्थ सर्विस एग्रीगेटर, जो कि क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट के रूप में पंजीकृत नहीं है, उसे फिर भी डायग्नोस्टिक सेवाएं देने की अनुमति दी जा रही है. यह सीधे तौर पर एस्टैब्लिशमेंट एक्ट 2010 का उल्लंघन है. नई याचिका में दावा किया गया है कि इन आश्वासनों के बावजूद अमेजन डायग्नोस्टिक्स जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दिल्ली में खुलेआम काम कर रहे है. आरोप है कि एक ई-कॉमर्स कंपनी ने डायग्नोस्टिक लैब के साथ साझेदारी कर क्लीनिकल एस्टैब्लिशमेंट के कार्य किए, जबकि वह स्वयं पंजीकृत नहीं है.
याचिका में यह भी कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियां न सिर्फ कानून के खिलाफ हैं, बल्कि दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व में दिए गए आदेश के भी खिलाफ है. अमेजन अपने ग्राहकों को घर बैठे मेडिकल हेल्थ टेस्ट सर्विस उपलब्ध कराएगा. अमेजन की इस नई सर्विस का नाम अमेज़न डायग्नोस्टिक्स है. अमेजन ने यह सेवा ऑरेंज हेल्थ लैब्स के साथ मिलकर शुरू की है. यह एक बेंगलुरु बेस्ड डायग्नोस्टिक्स कंपनी है और पहले से कई शहरों में घर पर टेस्ट की सुविधा देती है.
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