दिल्ली विश्वविद्यालय के जीसस एंड मैरी कॉलेज के एक वरिष्ठ संकाय सदस्य डा. थेल्मा जे. तल्लू की बर्खास्तगी को दिल्ली हाई कोर्ट ने बरकरार रखने का फैसला लिया है. डा. थेल्मा जे. तल्लू पर छात्रों से एटेंडेंस एवं मार्क देने के बदले रित तथा अन्य अवैध लाभ मांगने का आरोप है.
जस्टिस जसमीत सिंह ने कहा कि छात्रों से अवैध लाभ की मांग करना गंभीर है. यह शैक्षणिक विसनीयत पर प्रहार करता है. अदालत ने संकाय सदस्य तल्लू की बर्खास्तगी को बरकरार रखने वाले मध्यस्थता फैसले को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया.
वाणिज्य विभाग में पूर्व रीडर तल्लू ने डीयू की अपील समिति की अक्टूबर 2012 में दिए गए एक मध्यस्थता निर्णय को चुनौती देते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. उसमें कथित कदाचार के लिए उनकी बर्खास्तगी को बरकरार रखा गया था. यह विवाद 2008 में शुरू हुआ जब छात्रों ने डा. तल्लू पर एटेंडेंस एवं मार्क जैसे शैक्षणिक लाभों के बदले में नकदी और मोतियों की माला सहित अन्य सामान मांगने का आरोप लगाया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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