दिल्ली हाईकोर्ट ने मानहानि के एक मामले में अंतिम अवसर दिए जाने के बावजूद जवाब दाखिल नहीं करने को लेकर वकील पर पांच हजार रुपए का जुर्माना लगाया है. वकील ने माफी मांगी और कहा कि वह कुछ गलतफहमी के कारण मामले की तैयारी नहीं कर सकीं. कोर्ट ने फिर जुर्माना लगाया है. कोर्ट ने अगली सुनवाई से पहले जुर्माने की राशि दूसरे पक्ष के वकील को दे दिया जाए.
लापरवाही पर हाईकोर्ट नाराज़
कोर्ट 22 अगस्त को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. शमा मोहम्मद ने मानहानि का मुकदमा भाजपा की संजू वर्मा के खिलाफ की थीं. मोहम्मद ने एक टीवी समाचार बहस कार्यक्रम के दौरान वर्मा के अपमानजनक बयानों को लेकर उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा किया था. कोर्ट ने 1 नवंबर, 2024 को वर्मा से उनकी टिप्पणियों को अपमानजनक बताते हुए उसे सोशल मीडिया से हटाने का आदेश दिया था. इस बीच वर्मा के वकील ने मुकदमे को खारिज करने की मांग करते हुए अर्जी दाखिल कर दिया.
कोर्ट ने उस अर्जी पर दिसंबर 2024 में मोहम्मद को नोटिस जारी कर जवाब देने को कहा. इस साल मई में कोर्ट ने इसपर जवाब देने के लिए मोहम्मद के वकील को अंतिम मौका दिया और सुनवाई 8 जुलाई के लिए स्थगित कर दी थी.
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जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव ने इसे नहीं माना और कहा कि जब कोर्ट ने याचिकाओं पर सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का विशेष निर्देश दिया था तो उपरोक्त तिथि का कोई महत्व कैसे हो सकता है.इसके बाद मोहम्मद के वकील ने माफी मांगी और कहा कि वह कुछ गलतफहमी के कारण मामले की तैयारी नहीं कर सकीं.
भारत एक्सप्रेस
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