वर्ष 2020 के दिल्ली जल बोर्ड दफ्तर में तोड़फोड़ के मामले में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने आरोप तय करने को लेकर फैसला सुरक्षित रख लिया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने जांच अधिकारी (आईओ) को फेसबुक और इंस्टाग्राम से संबंधित जांच की स्थिति रिपोर्ट स्पष्ट करने को कहा था. इसके साथ ही इस मामले में कथित आरोपी भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया, दिल्ली भाजपा के पूर्व अध्यक्ष आदेश गुप्ता को जमानत दे दिया था.
राऊज एवेन्यू कोर्ट के अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट पारस दलाल की कोर्ट ने दोनों पक्षों की जिरह के बाद आरोप तय करने को लेकर फैसला सुरक्षित रख लिया है. यह मामला वर्ष 2020 में दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के कार्यालय में हुई तोड़फोड़ से जुड़ी है. चड्ढा ने भाजपा सांसद योगेंद्र चंदोलिया, भाजपा नेता आदेश गुप्ता एवं अन्य के खिलाफ चल रहे जांच की निगरानी के लिए मांगा है. चड्ढा की याचिका के मद्देनजर यह निर्देश जारी किया.
कोर्ट ने जांच अधिकारी से मांगी सोशल मीडिया जांच रिपोर्ट
दिल्ली पुलिस ने 24 दिसंबर, 2020 को दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय में हुई तोड़फोड़ को लेकर कोरोना मानदंडों के कथित उल्लंघन के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी. डीजेबी की दफ्तर में हुई तोड़फोड़ की घटना की जांच अदालत की देखरेख में कराने की मांग करते हुए बोर्ड के तत्कालिन उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने अदालत में अर्जी दाखिल की थी. उसमें महामारी रोकथाम कानून के तहत मुकदमा दर्ज करने और इसकी प्रभावी जांच के लिए निगरानी करने का भी आग्रह किया था. उसमें आरोप लगाया गया था कि भाजपा नेताओं ने पुलिस की मौजूदगी में डीजेबी के झंडेवाला स्थित मुख्यालय में हिंसा की घटना को अंजाम दिया.
पुलिस मामले की न तो जांच कर रही है और न ही मुकदमा दर्ज कर रही है. उसी के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया था. दिल्ली पुलिस ने आईपीसी की धारा 188, 269, 147, 148, 149, 427 और सार्वजनिक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम की धारा 3, महामारी अधिनियम की धारा 3 के तहत आरोप पत्र दायर किया था. कोर्ट ने दाखिल सप्लीमेंट्री चार्जशीट पर संज्ञान लिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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