दिल्ली के कथित शराब घोटाला मामले में साउथ ग्रुप से जुड़े लिकर कारोबारी समीर महेंद्रू को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिल गई है. दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली शराब घोटाले से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग में कथित आरोपी समीर महेंद्रू को विदेश जाने की अनुमति मिल गई है. कोर्ट ने महेंद्रू को 29 जनवरी को यूएई मैं होने वाली मीटिंग में शामिल होने के लिए यूएई जाने की अनुमति दे दी है. जस्टिस राहुल महाजन की बेंच ने 28 जनवरी से 31 जनवरी तक के लिए अनुमति दी है. हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने इसका विरोध करते हुए कहा कि ट्रायल के लिए महेंद्रू की जरूरत है.
ED और CBI का विरोध
ईडी ने कहा कि महेंद्रू ने बैठक की जानकारी दिखाने के लिए कोई दस्तावेज पेश नहीं किया है. इससे पहले भी महेंद्रू को दुबई यात्रा के लिएहाई कोर्ट से अनुमति मिल चुकी है. 9 जनवरी से 16 जनवरी 2025 तक के लिए यह अनुमति मिली थी. कोर्ट ने समीर महेंद्रू को जमानत देते समय एक शर्त यह लगाई थी कि वे अदालत की पूर्व मंजूरी के बिना देश नही छोड़ सकते है.
समीर महेंद्रू की ओर से दायर जमानत याचिका का विरोध करते हुए सीबीआई और ईडी ने कहा था कि इसमें बदलाव करके बिजनेसमैन को गलत तरीके से फायदा पहुचाया गया था. इतना ही नहीं बदले में उनमें रिश्वत भी ली गई. आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने इस नीति को 17 सितंबर 2021 को लागू की थी और भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद सितंबर 2022 में वापस ले लिया था.
AAP और रिश्वत का मामला
समीर महेंद्रू पर आरोप है कि आबकारी नीति में उल्लंघन के प्रमुख लाभार्थियों में से एक है, क्योंकि वह न केवल एक मादक पेय विनिर्माण इकाई चला रहा था बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले उनके रिश्तेदारों के नाम पर कुछ खुदरा लाइसेंस के साथ थोक लाइसेंस दिया था. समीर महेंद्रू को 28 सितंबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था. ईडी का यह भी आरोप है कि साउथ ग्रुप ने आम आदमी पार्टी को100 करोड़ रुपये की रिश्वत दी. ईडी का यह भी दावा है कि इस रकम में से 45 करोड़ का इस्तेमाल गोवा विधानसभा चुनाव के दौरान किया गया था.
-भारत एक्सप्रेस
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