दिल्ली हाई कोर्ट से कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डी. के शिवकुमार को मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में अंतरिम राहत मिल गई है. कोर्ट ने डीके शिवकुमार की गिरफ्तारी पर लगी रोक को बढ़ा दिया है. साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी कर जवाब मांगा है.
जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच ने केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान शिवकुमार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कोर्ट से केंद्र सरकार को पक्षकार बनाने का आग्रह किया था.
सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने आपत्ति जाहिर करते हुए कहा कि चूंकि केंद्रीय कानून को चुनौती दी गई है, लिहाजा जब तक मामले में केंद्र सरकार को पक्षकार नही बनाया जाता तब तक मामले में सुनवाई नही होनी चाहिए.
ईडी की जांच और समन रद्द करने की मांग
उन्होंने कोर्ट से कहा कि शिव कुमार को दायर अपनी याचिका को वापस लेना चाहिए. नही तो अदालत को इस याचिका को सुनवाई योग्य नही मानते हुए खारिज कर देना चाहिए. उप मुख्यमंत्री शिवकुमार ने दायर याचिका में जारी समन सहित पूरी जांच को रद्द करने की मांग की है. कोर्ट 2022 से लंबित याचिका पर सुनवाई कर रहा है. इससे पहले हाई कोर्ट ने 2 नवंबर 2022 को ईडी को नोटिस जारी किया था. डीके शिवकुमार की ओर से पेश सिब्बल ने कोर्ट को बताया था कि ईडी 2020 के मामले की दोबारा जांच कर रही हैं.
ईडी इस मामले में 2018 में पहले ही केस दर्ज कर चुकी है. सिब्बल ने कहा था कि मनी लॉन्ड्रिंग कानून की धारा 13 असंवैधानिक है. सीबीआई द्वारा आय से अधिक संपत्ति के मामले में दर्ज एफआईआर के बाद ईडी ने शिवकुमार के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का मामला शुरू किया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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