दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस नेता डॉक्टर उदित राज की ओर से दायर याचिका पर दिल्ली पुलिस को खतरे की आशंका का आकलन करने का निर्देश दिया है. जस्टिस रविंद्र टुटेजा ने दिल्ली पुलिस से 2 महीने में जांच कर रिपोर्ट देने को कहा है. उदित राज ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती के समर्थकों से जान के खतरा की आशंका व्यक्त की है.
मायावती के समर्थकों से मिल रही धमकियां
मामले की सुनवाई के दौरान उदित राज की ओर से पेश वकील ने कहा कि मायावती के समर्थकों से धमकियां मिल रही हैं. उन्होने दिल्ली पुलिस से सुरक्षा मांगी लेकिन किसी ने उन्हें सुरक्षा मुहैया नहीं कराई है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित एसएचओ और बीट अधिकारी को याचिकाकर्ता के साथ अपना संपर्क विवरण साझा करना होगा. ताकि बीट अधिकारी 2 महीने तक प्रत्येक दिन शाम सात बजे याचिकाकर्ता को फोन कर सके.
केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कही ये बात
जबकि मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि रिट याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि चूंकि वह विपक्षी पार्टी से हैं, इसलिए दिल्ली पुलिस कुछ नहीं कर रही है, अब वे मीडिया में जाएंगे और कहेंगे कि हमने सरकार के खिलाफ आरोप लगाते हुए याचिका दायर की है और कोर्ट ने हमें सुरक्षा दी है. यह मूल एजेंडा है. इसपर जस्टिस डुडेजा ने कहा कि हमने आपको अभी नोटिस जारी नही किया है. उन्होने यह भी कहा कि कोर्ट धमकियों का संज्ञान नहीं ले रहा है. हम केवल खतरे की आशंका के बारे में चिंतित हैं. हमें सभी नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षा की रक्षा करनी है.
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