अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री व उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम ने अपने खिलाफ सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नाम उछाले जाने को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में मानहानि का मुकदमा दायर किया है.
दुष्यंत गौतम ने उनके खिलाफ डाले गए मानहानिकारक कंटेंट को हटाने और 2 करोड़ रुपये की हर्जाने की मांग की है. उन्होंने कांग्रेस नेता, आम आदमी पार्टी, एक्स यूजर सहित 9 लोगों को प्रतिवादी बनाया है. कोर्ट 7 जनवरी को याचिका पर सुनवाई करेगा.
बिना सबूत नाम घसीटने का आरोप
दायर याचिका में कहा गया है कि अंकिता भंडारी प्रकरण में उनका नाम बिना किसी जांच, सबूत या न्यायिक आधार के घसीटा जा रहा है, जबकि उत्तराखंड पुलिस और एसआईटी पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि इस मामले में किसी भी वीआईपी की कोई भूमिका नही थी.
दुष्यंत कुमार गौतम ने पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उर्मिला सानवार के खिलाफ थाना डालनवाला में एफआईआर दर्ज कराई है. उन्होंने बीजेपी और खुद को बदनाम किए जाने का भी साजिद का आरोप लगाया है.
याचिका में यह भी कहा गया है कि कोर्ट वादी के पक्ष में स्थायी निषेधाज्ञा जारी करें, जिससे प्रतिवादियों और उनके एजेंटों, प्रतिनिधियों, सहयोगियों, वारिसों एवं रिश्तेदारों को वादी के विरुद्ध किसी भी प्रकार के मानहानिकारक आरोपों के प्रकाशन व प्रसार से रोका जा सके.
अंकिता भंडारी, जो रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं, की 2022 में हत्या कर दी गई थी. जांच में पाया गया कि रिसॉर्ट मालिक पुलकित आर्य (पूर्व भाजपा नेता के बेटे) और उनके दो सहयोगियों ने अंकिता को यौन सेवाएं देने से इनकार करने के बाद नहर में धकेल दिया था. कोर्ट ने तीनों को उम्रकैद की सजा सुनाई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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