नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 14 जुलाई को भी सुनवाई जारी रहेगी. स्पेशल जज विशाल गोगने ने कहा कि अगर किसी को कुछ और कहना है तो वह 14 जुलाई को कह सकता है. उम्मीद की जा रही है कि 14 जुलाई को कोर्ट इस मामले में फैसला सुरक्षित रख लेगा.
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि यंग इंडियन संस्था मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त है. ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा कि जो भी यंग इंडियन को डोनेशन देता था, उसे चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया जाता था.
मामले की सुनवाई और ईडी के दावे
ईडी की ओर से यह भी कहा गया है चैरिटी के नाम पर कुछ नही हुआ, चैरिटेबल कार्य कभी शुरू ही नहीं हुआ. एएसजी एसवी राजू ने कहा कि सिर्फ नाम के लिए यह संस्था चलाई गई. ईडी ने कहा बिना कोई निवेश किए करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया. ईडी ने यह भी कहा कि बिना एक रुपया लगाए 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया. उन्होंने यह भी कहा कि एजेएल के अधिग्रहण के लिए 50 लाख रुपए डोटेक्स नामक कंपनी से मिले थे. ईडी ने यह भी आरोप लगाया कि यंग इंडियन के जरिये राजनीतिक लाभ बांटे गए, यह केवल एक दिखावटी चैरिटेबल संस्था थी. एएसजी एसवी राजू ने कहा कि बिना एक पैसा निवेश किए, यंग इंडियन ने एजेएल की 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति को हासिल कर लिया.
चैरिटी का दिखावा और संपत्ति हड़पने का आरोप
ईडी ने आरोप लगाया कि एजेएल की.संपत्ति को हड़पने के लिए साजिश के तहत यंग इंडियन का गठन किया गया. ईडी ने कहा कि यंग इंडियन के नाम पर दान इकठ्ठा किया गया, लेकिन चैरिटेबल का काम कभी भी जमीन पर नही उतरा. ईडी ने कहा कि राहुल गांधी के यंग इंडिया के डायरेक्टर बनने के बाद यंग इंडियन का AJL को पत्र लिखकर ऋण की अदायगी या उसे इक्विटी में बदलने की मांग किया था.
ईडी ने यह भी कहा कि क्या यंग इंडियन ऋण खरीदने के व्यवसाय में नहीं है, न ही नहीं यह उद्देश्य है. आप ऐसा ऋण क्यों लेंगे, उन्हें पता था कि यह वसूली योग्य है.
राहुल और सोनिया गांधी पर निशाना
पिछली सुनवाई में एएसजी एसवी राजू ने राहुल गांधी, सोनिया गांधी के इस दावे को खारिज कर दिया था कि उनके पास सम्पत्तियों पर कोई नियंत्रण नहीं है. एएसजी एसवी राजू ने राहुल गांधी और सोनिया गांधी के बयानों को भ्रामक बताया था. उन्होंने कहा था कि शेयरधारकों को परिसंपत्तियों का अधिकार नहीं होने के बारे में एक भ्रामक और गलत बयान दिया गया है.
एएसजी राजू ने कहा था कि एसोसिएट्स जर्नल्स लिमिटेड नाम की एक कंपनी थी, जो मुनाफा नहीं कमा रही थी, लेकिन उसके पास करीब 2000 करोड़ रुपए की संपत्तियां थी. उसे अपने दिन प्रतिदिन के खर्च चलाने में कठिनाई हो रही थी. उन्होंने दावा किया था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने ही 2000 करोड़ की संपत्ति हड़पने की साजिश रची थी.
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