SBI Loan Fraud Case: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए बेस्ट फूड्स लिमिटेड (BFL) के प्रबंध निदेशक दिनेश गुप्ता की करीब 92.91 करोड़ रुपये मूल्य की 54 संपत्तियों (2 चल और 52 अचल) को अस्थायी रूप से कुर्क कर लिया है.
क्या है मामला?
यह कार्रवाई PMLA, 2002 के तहत 17 जुलाई 2026 को जारी दूसरे प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर (PAO) के माध्यम से की गई. यह मामला सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर पर आधारित है. आरोप है कि बेस्ट फूड्स लिमिटेड ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले बैंकों के समूह से लिए गए ऋण का दुरुपयोग किया और धन को अन्य जगहों पर भेज दिया. कंपनी पर डिफॉल्ट के समय बैंकों का लगभग 1,740.30 करोड़ रुपये बकाया था.
ईडी की जांच में सामने आया कि,
कथित तौर पर ऋण की रकम को कर्मचारियों, रिश्तेदारों और सहयोगियों के नाम पर बनाई गई शेल कंपनियों के जरिए घुमाया गया. फर्जी कारोबारी लेन-देन दिखाकर इस पैसे को रियल एस्टेट और अन्य कंपनियों में निवेश किया गया, जबकि इन संपत्तियों का वास्तविक नियंत्रण दिनेश गुप्ता के पास ही था. जांच के दौरान जुलाई 2025 में कई ठिकानों पर तलाशी ली गई थी. इस दौरान पांच लग्जरी वाहनों को फ्रीज किया गया और कई अहम दस्तावेज जब्त किए गए. बाद में 8 अगस्त 2025 को दिनेश गुप्ता को पीएमएलए के तहत गिरफ्तार किया गया था.
दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दी थी
हालांकि, 30 मई 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी. इससे पहले ईडी ने अक्टूबर 2025 में लगभग 173.67 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी कुर्क की थीं, जिन्हें बाद में निर्णायक प्राधिकरण ने बरकरार रखा. उसी मामले में विशेष पीएमएलए अदालत में अभियोजन शिकायत भी दाखिल की जा चुकी है. ईडी का कहना है कि आगे की जांच में और भी ऐसी संपत्तियां सामने आईं, जो अलग-अलग शेल कंपनियों और व्यक्तियों के नाम पर थीं, लेकिन उनका वास्तविक लाभ और नियंत्रण दिनेश गुप्ता के पास था.
इसी आधार पर दूसरी बार 92.91 करोड़ रुपये की संपत्तियां कुर्क की गई हैं. इस कार्रवाई के बाद इस मामले में ईडी द्वारा अब तक कुर्क की गई संपत्तियों का कुल मूल्य बढ़कर 266.58 करोड़ रुपये हो गया है. एजेंसी ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है.
-भारत एक्सप्रेस
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