लालू प्रसाद यादव
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली की एक अदालत को सूचित किया कि उसे कथित जमीन के बदले नौकरी घोटाला से जुड़े धनशोधन मामले में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ मुकदमा चलाने की आवश्यक मंजूरी मिल गई है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने यह मंजूरी 8 मई को दी है. इस जानकारी के बाद राऊज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने सुनवाई कर रहे है. कोर्ट 23 मई को अगली सुनवाई करेगा.
यह घोटाला उस समय हुआ था जब लालू प्रसाद केंद्रीय रेल मंत्री थे. ईडी ने पिछले साल अगस्त में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव(76), उनके बेटे और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव और परिवार के अन्य सदस्यों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था. इससे पहले जनवरी 2024 में ईडी ने लालू प्रसाद के परिवार के एक कथित सहयोगी अमित कत्याल और प्रसाद के अन्य परिवार के सदस्यों के खिलाफ अपना पहला आरोपपत्र दाखिल किया था.
पहले आरोप पत्र में लालू प्रसाद की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी, सांसद बेटी मीसा भारती, एक अन्य बेटी हेमा यादव और दो संबंधित कंपनियां एके इंफोसिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड एवं एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम हैं. अदालत ने हाल ही में इन दोनों आरोपपत्रों पर संज्ञान लिया.
ईडी का यह मामला केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है. उसमें आरोप लगाया गया है कि लालू प्रसाद 2004-2009 के दौरान भारतीय रेलवे में ग्रुप डी के पदों पर भर्ती में हुए भ्रष्टाचार में संलिप्त थे.
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