प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चेन्नई ज़ोनल कार्यालय ने 19 मई 2026 को थंगम स्टील लिमिटेड (TSL), पीएस कृष्णमूर्ति स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड (PSK) और इनके निदेशकों व अन्य आरोपियों से जुड़े 7 ठिकानों पर छापेमारी की. यह कार्रवाई भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ कथित ₹311 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई. ईडी ने यह जांच सीबीआई, चेन्नई द्वारा दर्ज दो एफआईआर के आधार पर शुरू की है, जिनमें दोनों कंपनियों पर धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े के आरोप लगाए गए हैं. सीबीआई इस मामले में पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है.
फर्जी दस्तावेजों से बढ़वाई क्रेडिट लिमिट और छिपाया धन
जांच में सामने आया कि स्टील निर्माण और व्यापार से जुड़ी इन कंपनियों ने 2007 से 2013 के बीच फर्जी वित्तीय दस्तावेज, बढ़ा-चढ़ाकर दिखाए गए स्टॉक और लेनदेन के कागज़ात जमा कर बैंकों से कैश क्रेडिट और लेटर ऑफ क्रेडिट की सीमा बढ़वाई. आरोप है कि कंपनियों ने नकली गोदाम, फर्जी परिवहन रिकॉर्ड और अलग-अलग बैलेंस शीट दाखिल कर अपनी वास्तविक वित्तीय स्थिति छिपाई.
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ईडी के मुताबिक, बैंक से लिए गए धन का इस्तेमाल स्टील डिवीजन खरीदने और निजी संपत्तियां बनाने में किया गया. इसके लिए कई फर्जी और शेल कंपनियों के जरिए पैसों की लेयरिंग की गई ताकि रकम के स्रोत को छिपाया जा सके. इस पूरे षड्यंत्र से SBI और उसके कंसोर्टियम बैंकों को करीब ₹311 करोड़ का नुकसान पहुंचा.
₹100 करोड़ से अधिक की 43 बेनामी संपत्तियों का खुलासा
छापेमारी के दौरान ईडी को कई अहम दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद हुए हैं. साथ ही, परिवार के सदस्यों, दूर के रिश्तेदारों और बेनामी व्यक्तियों के नाम पर खरीदी गई 43 अचल संपत्तियों का पता चला है, जिनकी अनुमानित कीमत ₹100 करोड़ से अधिक बताई जा रही है. एजेंसी का कहना है कि इन संपत्तियों को इस तरह छिपाकर रखा गया था ताकि बैंक कर्ज वसूली के दौरान उनका पता न लगा सके.
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