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हैदराबाद और सिकंदराबाद समेत 7 ठिकानों पर ईडी की रेड, करोड़ों के हेरफेर का खुलासा

ईडी ने 326 करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में तेलंगाना के हैदराबाद, सिकंदराबाद और मेदचल में सात ठिकानों पर छापेमारी की है. कनकधारा वेंचर्स और उसके निदेशकों के ठिकानों से आपत्तिजनक दस्तावेज और नकदी बरामद हुई है.

ED Raids Telangana 326 Crore Bank Fraud Kanakadhara Ventures PNB
Edited by Vaibhav Gupta

देश में बैंकिंग धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग के खिलाफ केंद्रीय जांच एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. इसी कड़ी में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तेलंगाना में बहुत बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम से जुड़े 326 करोड़ रुपये से अधिक के बैंक फ्रॉड मामले में ईडी ने तेलंगाना के अलग-अलग जिलों में कुल सात ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की है. इस हाई-प्रोफाइल रेड से वित्तीय गलियारों में हड़कंप मच गया है.

कहां-कहां हुई ईडी की छापेमारी?

केंद्रीय एजेंसी की यह कार्रवाई मुख्य रूप से हैदराबाद, सिकंदराबाद और मेदचल-मलकाजगिरि जैसे इलाकों में की गई. मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA, 2002) के तहत कनकधारा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के रजिस्टर्ड ऑफिस, कंपनी के निदेशकों के आलीशान आवास और उन तमाम लोगों व संस्थाओं के ठिकानों को खंगाला गया, जिन पर बैंक के पैसों को अवैध रूप से इधर-उधर भेजने में मदद करने का शक है.

जांच एजेंसी के मुताबिक, यह पूरा मामला पंजाब नेशनल बैंक की ओर से सीबीआई में दर्ज कराई गई शिकायत पर आधारित है. सीबीआई ने 8 दिसंबर 2022 को इस संबंध में एफआईआर दर्ज की थी, जिसमें कनकधारा वेंचर्स, उसके डायरेक्टर्स और अन्य सहयोगियों पर आपराधिक साजिश रचने, धोखाधड़ी करने, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे.

फर्जी इनवॉइस और शेल कंपनियों का खेल

ईडी की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपियों ने बैंकों से ली गई बैंक गारंटी और लेटर ऑफ क्रेडिट (LC) जैसी सुविधाओं का जमकर दुरुपयोग किया. बैंक से मिलने वाली भारी-भरकम रकम को वैध व्यापार दिखाने के बजाय फर्जी तरीकों से दूसरी कंपनियों और गुप्त माध्यमों में डायवर्ट किया गया. फंड को ठिकाने लगाने के लिए स्टील की खरीद से जुड़े झूठे इनवॉइस और जाली परिवहन दस्तावेजों का सहारा लिया गया था.

इस पूरी हेराफेरी के चलते पीएनबी के नेतृत्व वाले बैंकों के कंसोर्टियम—जिसमें आईडीबीआई बैंक, यूनियन बैंक, आंध्रा बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा भी शामिल थे—को कुल 326.49 करोड़ रुपये का भारी-भरकम चूना लगा. छापेमारी के दौरान ईडी के हाथ कई महत्वपूर्ण आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण और रिकॉर्ड लगे हैं, जिन्हें जब्त कर लिया गया है. इसके अलावा एजेंसी ने मौके से 15 लाख रुपये नकद भी बरामद किए हैं. फिलहाल, मामले की गहराई से छानबीन जारी है.

यह भी पढ़ें: ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग मामला; तीस हजारी कोर्ट ने बानीत सिंह तलवार को 5 दिन की ईडी रिमांड पर भेजा

-भारत एक्सप्रेस



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