Bharat Express DD Free Dish

गुड़गांव SHO पर महिला वकील से यौन शोषण का आरोप, ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को नोटिस

सुप्रीम कोर्ट ने गुड़गांव सेक्टर 50 के SHO पर महिला वकील द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों के मामले में हरियाणा सरकार, पुलिस और SHO को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा है.

Supreme Court

हरियाणा के गुड़गांव के एसएचओ द्वारा महिला वकील से यौन शोषण के मामले में दायर ट्रांसफर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार, हरियाणा पुलिस और गुड़गांव सेक्टर 50 के एसएचओ को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है. जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस एजी मसीह की बेंच ने यह नोटिस जारी किया है.

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह कैसे संभव है कि जिस थाने के एसएचओ पर आरोप है वह निष्पक्ष जांच कर पाएगा. लिहाजा मामले को दिल्ली या उत्तर प्रदेश ट्रांसफर किया जाए. साथ ही मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया जाए. हालांकि कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से फिलहाल इनकार कर दिया जाए.

याचिकाकर्ता की मांग

शिकायतकर्ता महिला वकील ने यह याचिका दायर की है. दिल्ली की एक महिला वकील ने दिल्ली के सब्जी मंडी थाने में गुरुग्राम के सेक्टर 50 थाने के एसएचओ के खिलाफ यौन उत्पीड़न और अमानवीय व्यवहार की शिकायत की है. जिसके बाद सब्जी मंडी थाना पुलिस ने जीरो एफआईआर कर इसे जांच के लिए गुरुग्राम पुलिस को भेज दिया था.

21 मई को शिकायतकर्ता महिला वकील के खिलाफ सेक्टर 50 थाने में महिला पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी करने पर एफआईआर दर्ज किया गया था. महिला वकील का आरोप है कि थाने में उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे सुबह 3 बजे तक थाने में बैठाए रखा गया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस अधिकारियों ने विस्तृत जांच के लिए एसआईटी गठित की है.

पारिवारिक विवाद से उपजा विवाद

बता दें कि एक महिला और उसके पति का विवाद चल रहा था. महिला ने अपने पति और सास-ससुर के खिलाफ दहेज का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसपर गुरुग्राम के महिला थाना सेक्टर 50 में दोनों पक्षों को बुलाया गया. दोनों पक्षों की काउंसलिंग की गई लेकिन जैसे ही दोनों पक्ष महिला थाना सेक्टर 51 से बाहर निकले तभी महिला और उसके पति के बीच झगड़ा हो गया, जिसपर सेक्टर 50 थाने को सूचना दी गई. जिसपर सेक्टर 50 थाने की पुलिस मौके पर पहुचकर दोनों पक्षों को

थाने लेकर जाने लगी तो महिला वकील ने भी साथ चलने के लिए कहा, लेकिन पुलिस ने साथ ले जाने से मना कर दिया. थोड़ी देर बाद महिला वकील भी थाने पहुच गई और मुवक्किल की पत्नी के साथ मारपीट शुरू कर दी. थाना में जब महिला हवलदार बीच-बचाव के लिए आई तो उसके साथ भी अभद्रता करते हुए मारपीट शुरू कर दी. इतना ही नही.थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को भी देख लेने की धमकी भी दी. महिला हवलदार की शिकायत पर महिला वकील के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई.

ये भी पढ़ें: दुष्कर्म केस में सेना के कर्नल और दोस्त बरी, कोर्ट ने कहा- शिकायतकर्ता की गवाही अविश्वसनीय

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read