ऑनर किलिंग के डर से घर से भागे प्रेमी युगल को सुप्रीम कोर्ट ने राहत देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने याचिकाकर्ता को हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ ने दिल्ली हाई कोर्ट जाने की सलाह दी है.
मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील हरविंदर चौधरी ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की पार्किन में एक लड़का-लड़की को देखा, जो काफी डरे हुए थे और सुरक्षा की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुचे थे. उनके मुताबिक माता-पिता उन्हें गोली से मारने की धमकी दे रहे है. यह प्रेमी युगल बिहार और उत्तर प्रदेश से भाग कर दिल्ली आया है. दोनों एक फैक्ट्री में साथ काम करते है. उन्होंने बताया कि रील के जरिये पता चला कि ऐसे लोग सुप्रीम कोर्ट में शादी करते है और सीजेआई उन्हें मदद करते है. इसपर कोर्ट ने कहा कि तत्काल राहत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट से संपर्क करें.
पुलिस हिरासत के आरोप पर कोर्ट ने जताई गंभीरता
याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि जब कपल को तिलक मार्ग, पुलिस थाने ले जाया गया तो पुलिस ने उन्हें कथित तौर पर हिरासत में ले लिया. इसपर सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि जीवन का अधिकार सर्वोपरि है और ऐसे कपल को किसी भी हाई कोर्ट से सुरक्षा प्राप्त करने का अधिकार है. उन्होंने कहा कि जीवन सबसे अनमोल है, यह सही है. सीजेआई ने कहा कि अगर हाई कोर्ट किसी कारणवश आपकी सुनवाई नहीं करता है, तो आप यहां आ सकते है. कोर्ट ने कहा कि आपका मामला हमारे सामने आएगा तो जरूर हम कुछ दिशानिर्देश जारी करेंगे.
कोर्ट ने दिल्ली हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल को निर्देश दिया है कि इस मामले को प्राथमिकता से सुना जाए और प्रेमी युगल को सुरक्षा सुनिश्चित करने पर तत्काल कदम उठाए जाएं. बता दें कि लड़के की उम्र 22 साल है जबकि लड़कीं की उम्र 19 साल है.
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-भारत एक्सप्रेस
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