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धौला कुआं हादसा: नवजोत सिंह मौत मामले में गगनप्रीत कौर की जमानत याचिका पर 25 सितंबर को सुनवाई

धौला कुआं मेट्रो स्टेशन के पास बीएमडब्ल्यू हादसे में नवजोत सिंह की मौत और उनकी पत्नी की गंभीर चोट के बाद आरोपी गगनप्रीत कौर की जमानत याचिका पर 25 सितंबर को सुनवाई होगी.

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धौला कुआं बीएमडब्ल्यू हादसा मामले में आरोपी की ओर से दायर जमानत याचिका पर 25 सितंबर को भी सुनवाई जारी रहेगा. मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने कहा कि यह मामला गैर इरादतन हत्या का नही है. उन्होंने कहा कि गगनप्रीत अग्रिम जमानत नहीं मांग रही है और वह पहले से ही 10 दिनों से न्यायिक हिरासत में है. बचाव पक्ष के वकील ने यह भी कहा कि वह फरार होने का खतरा नहीं है. जांच में सहयोग किया है और पुलिस को मोबाइल फोन और ड्राइवरिंग लाइसेंस दे दी है. सुनवाई के दौरान गगनदीप के वकील ने यह भी कहा कि उनकी मंशा को गलत समझा गया. उन्हें यह नही पता था कि पीड़ित की कितने देर में मौत हो जाएगी.

कोर्ट ने मांगा सीसीटीवी फुटेज और सबूत

वही दिल्ली पुलिस की ओर से पेश एडिशनल पब्लिक प्रॉस्क्यूटर ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि उनकी मंशा घायल को बचाने की नही थी, बल्कि खुद को कानूनी कार्रवाई से बचाने की थी. कोर्ट ने दिल्ली पुलिस को सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत को पेश करने का निर्देश दिया है. गगनप्रीत फिलहाल 27 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में है. गगनप्रीत ने इस मामले में दो अन्य लोगों को भी आरोपी बनाने की मांग की है, जिसमें डीटीसी बस चालक और एक एम्बुलेंस चालक शामिल है.

नवजोत सिंह की मौत, पत्नी गंभीर घायल

बता दें कि 14 सितंबर को धौला कुंआ मेट्रो स्टेशन के पास बीएमडब्ल्यू हादसा हुआ था. जिसमें वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी 52 वर्षीय नवजोत सिंह की मौत हो गई थी, जबकि उनकी पत्नी संदीप कौर गंभीर रूप से घायल हो गई थी. आरोप है कि बीएमडब्ल्यू कार गगनप्रीत कौर चला रही थीं. 15 सितंबर को दिल्ली पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, लापरवाही से गाड़ी चलाने और सबूत को मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद पटियाला हाउस कोर्ट के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के घर पर पेश किया था, जहां कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया था. घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 281 (तेज गति से गाड़ी चलाना), 125 बी (दूसरों की जान या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालना), 105 (गैर इरादतन हत्या) और 238 (सबूतों को मिटाना) के तहत एफआईआर दर्ज की थी.

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-भारत एक्सप्रेस



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