पटियाला हाउस कोर्ट ने मार्च 2023 में लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग पर कथित हमले से जुड़े एक मामले में लंदन निवासी इंद्रपाल सिंह गाबा को जमानत दे दी है. राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने दावा किया था कि 19 मार्च 2023 को हुई घटना और 22 मार्च 2023 के प्रदर्शन एक-दूसरे से जुड़े थे और आरोपी गाबा इसमें शामिल थे.
कोर्ट ने क्या कहा?
पटियाला हाउस कोर्ट के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश विमल कुमार यादव ने अपने फैसले में कहा कि गाबा की भूमिका 22 मार्च 2023 की घटना तक सीमित लगती है. हालांकि, NIA का कहना था कि दोनों घटनाओं की योजना एक ही समूह द्वारा बनाई गई थी, जिसका उद्देश्य ‘वारिस पंजाब दे’ और उसके नेता अमृतपाल सिंह पर की गई कार्रवाई को प्रभावित करना था.
NIA आरोपों को साबित नहीं कर सका
न्यायाधीश ने कहा कि NIA, 19 मार्च की घटना में गाबा की संलिप्तता साबित करने में असफल रहा. न तो वह घटनास्थल पर मौजूद थे और न ही प्रदर्शन के आयोजन से किसी भी रूप में जुड़े थे. उन पर हिंसा का कोई आरोप नहीं है, हालांकि, राष्ट्रीय सम्मान को ठेस पहुंचाने का गंभीर आरोप उन पर लगाया गया है.
गिरफ्तारी और जमानत
गाबा को 9 दिसंबर 2023 को अटारी सीमा पर आव्रजन अधिकारियों ने हिरासत में लिया था, जब वह लंदन से पाकिस्तान होते हुए भारत में प्रवेश कर रहे थे. इसके बाद 25 अप्रैल 2024 को उन्हें कड़े गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था.
हालांकि, कोर्ट ने कहा कि अब तक मामले की सुनवाई शुरू नहीं हुई है, और गाबा को लंबे समय तक हिरासत में रखना उचित नहीं होगा. इसलिए उन्हें जमानत दे दी गई है.
ये भी पढ़ें- दिल्ली दंगे मामले में आरोपी शाहनवाज के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


