Jacqueline Fernandez Money Laundering Case: केश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में आरोपी और फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस ने सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को वापस ले लिया है. जस्टिस बी. वी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने जैकलीन की ओर से पेश वकील के आग्रह पर याचिका को वापस लेने की अनुमति दे दिया है.
21 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किया
कोर्ट ने जैकलीन को कानून के तहत उपलब्ध उपायों का लाभ उठाने की छूट दे दी है. जैकलीन ने पटियाला हाउस कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. पटियाला हाउस कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर, जैकलीन फर्नांडिस सहित 21 आरोपितों के खिलाफ आरोप तय किया है. कोर्ट ने इन आरोपियों के खिलाफ मकोका की धारा 3 और 4, भारतीय दंड संहिता की धारा 170, 186, 384, 386, 388, 406, 409, 420, 468, 471 और 120बी के अलावा आईटी एक्ट की धारा 66 के के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया है.
वसूली से जुड़े मकोका के मामले में आरोप तय किया
कोर्ट ने सुकेश चंद्रशेखर, जैकलीन फर्नांडिस सहित अन्य के खिलाफ जबरन वसूली से जुड़े मकोका के मामले में आरोप तय कर दिया है. कोर्ट ने इस मामले में सुकेश चंद्रशेखर के अलावा जिन प्रमुख लोगों को आरोपी बनाया है, उनमें उसकी पत्नी लीना पॉल और अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस शामिल है. कोर्ट के मुताबिक सुकेश चंद्रशेखर ने खुद को तत्कालीन कानून सचिव अनूप कुमार तथा गृह सचिव अजय भल्ला बताया था.
200 करोड़ रुपये की फर्जीवाड़ा
इस फर्जी पहचान के दम पर उसने अदिति सिंह को झांसा दिया, फिर उनसे करीब 200 करोड़ रुपए ठग लिए. कोर्ट ने माना कि सुकेश जेल के अंदर बंद रहते हुए भी ठगी का एक बड़ा नेटवर्क चला रहा था. चंद्रशेखर ने कथित तौर पर रैनबैक्सी के पूर्व प्रमोटरों शिविंदर सिंह और मलविंदर सिंह की पत्नियों से 200 करोड़ रुपये की फर्जीवाड़ा की थी. उसने अदिति सिंह और जपना सिंह को केंद्रीय कानून मंत्रालय के एक अधिकारी के रूप में प्रस्तुत करके और उनके पतियों के लिए जमानत सुनिश्चित करने के लिए कई करोड़ रुपये की फर्जीवाड़ा की थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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