दिल्ली हाईकोर्ट (प्रतीकात्मक फोटो)
Jan Aushadhi CEO Appointment: केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत सीईओ की नियुक्ति के खिलाफ दायर याचिका को याचिकाकर्ता ने दिल्ली हाई कोर्ट से वापस ले लिया है. भारतीय जन औषधि परियोजना के तहत सीईओ की नियुक्ति को सरकार द्वारा वापस ले लिए जाने के बाद याचिकाकर्ता के.वकील शशांक देव सुधि ने वापस ले लिया.
दायर याचिका में नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाया गया था. यह याचिका मनोज कुमार राय ने अनुच्छेद 226 और अनुच्छेद 227के तहत दायर की थी. याचिका में यह भी कहा गया था कि नियुक्ति प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी नही है. याचिका में आरोप लगाया गया था कि एक आईएएस को लाभ पहुचाने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को दो बार बढ़ाया गया.
याचिकाकर्ता के मुताबित आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 मई थी, जिसे बढ़ाकर 7 जून कर दिया गया, उसके बाद एक बार फिर बढ़ाकर 21 जून कर दिया गया. हालांकि याचिकाकर्ता के वकील शशांक देव सुधि का मानना है कि उनके द्वारा उठाये गए सवाल के बाद ही फार्मा सचिव अमित अग्रवाल की नियुक्ति को वापस लिया गया.
याचिकाकर्ता के मुताबिक इस पद के लिए 50 आवेदन आया था, जिसमें से मात्र दो लोगों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया. इनमें से एक आईएएस और एक इंडियन ऑर्डिनेंस फैक्ट्री सीवसेज के अधिकारी शामिल है. इन दोनों आवेदकों का साक्षत्कार फार्मास्यूटिकल की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय कमेटी ने 30 जुलाई को लिया था.
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना एक सरकारी योजना है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों को सस्ती, गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराना है. ब्रांडेड दवाइयों की तुलना में 50 फीसदी से 90 फीसदी तक सस्ती होती है.
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-भारत एक्सप्रेस
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