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ज्योति हत्याकांड: पीयूष श्यामदासानी की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, जानिए पूरा मामला

Jyoti Murder Case: कानपुर के चर्चित ज्योति हत्याकांड में SC ने दोषी पति पीयूष श्यामदासानी की अपील पर सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा है. हाई कोर्ट ने पीयूष की उम्रकैद बरकरार रखी थी, जबकि उसकी प्रेमिका मनीषा को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ यूपी सरकार ने भी SC का रुख किया.

Jyoti murder case,
Edited by Shubhra Rai

Jyoti Murder Case:  पूर्व कानपुर के बहुचर्चित ज्योति हत्याकांड मामले में दोषी पीयूष श्यामदासानी सहित अन्य की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख है. ज्योति के पति पीयूष श्यामदासानी सहित अन्य की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.

कोर्ट से जमानत देने की गुहार

मामले की सुनवाई के दौरान पीयूष समेत अन्य की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से जमानत देने की गुहार लगाई, जिसे कोर्ट ने कहा कि वह पूरे मामले में सुनवाई कर अपना फैसला सुनाएगा. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पियूष सहित अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर

सभी अभियुक्तों ने 20 अक्टूबर 2022 को कानपुर की सेशन कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर की गई थी. हाई कोर्ट ने सभी पक्षों की जिरह के बाद निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा था कि अभियोजन पांचों अभियुक्तों के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा है.

21 अक्टूबर 2022 को उम्रकैद की सजा सुनाई

अभियोजन ने जो साक्ष्य प्रस्तुत किया उससे षड्यंत्र और हत्या की पूरी चेन बखूबी साबित होती है. हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट द्वारा अभियुक्तों को सजा सुनाए जाने का निर्णय पूरी तरह सही है और इसमें हस्तक्षेप करने की कोई गुंजाइश नहीं है.

दरअसल मध्य प्रदेश के जबलपुर निवासी शंकरलाल नागदेव की बेटी ज्योति का शादी 28 नवंबर 2012 को पांडुनगर निवासी बिस्कुट व्यापारी ओमप्रकाश श्यामदासानी के बेटे पीयूष से हुआ था. 27 जुलाई 2014 को ज्योति की हत्या हो गई थी. सेशंस कोर्ट ने ज्योति की हत्या व षड्यंत्र में शामिल पीयूष, मनीषा, अवधेश, आशीष, सोनू व रेनू को 21 अक्टूबर 2022 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सेशंस कोर्ट के फैसले को बरकरार रखा था, लेकिन हाई कोर्ट ने पीयूष की प्रेमिका मनीषा को बरी कर दिया था. मनीषा के बरी किए जाने के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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