दिवंगत संजय कपूर की मां 80 वर्षीय विधवा रानी कपूर के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में सिविल सूट दायर किया है. दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रिया कपूर ने धोखाधड़ी से आर के फैमिली ट्रस्ट/रानी कपूर फैमिली ट्रस्ट के गठन किया.
ट्रस्ट को अमान्य घोषित करने की मांग
रानी कपूर ने ट्रस्ट को शून्य और अमान्य घोषित करने की मांग की है. उन्होंने प्रतिवादियों के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की है, ताकि वे किसी भी प्रकार से आरके फैमिली ट्रस्ट का उपयोग या उसके आधार पर कोई कार्रवाई न कर सकें.
इसके साथ ही ट्रस्ट की स्थापना से अब तक की है, ताकि वे किसी भी प्रकार से आरके फैमिली ट्रस्ट का उपयोग या उसके आधार पर कोई कार्रवाई न कर सकें. इसके साथ ही ट्रस्ट की स्थापना से अब तक कि लेखा-जोखा की भी मांग की है.
कपूर परिवार की मुखिया और एकमात्र उत्तराधिकारी
बता दें कि रानी कपूर, कपूर परिवार की मुखिया है. उनके परिवार में उनकी दो बेटियां है. उनके दिवंगत पुत्र स्वर्गीय संजय कपूर तथा उनके बच्चे यानी वादी की पोते-पोतियां शामिल है. याचिकाकर्ता के अनुसार रानी कपूर स्वर्गीय डॉक्टर सुरिंदर कपूर की पूरी संपत्ति की एक मात्र लाभार्थी और उत्तराधिकारी है. डॉक्टर सुरिंदर कपूर विभिन्न व्यवसायों के प्रमुख थे, जिनमें सोना ग्रुप ऑफ कंपनियां शामिल हैं. सुरिंदर कपूर का 6 फरवरी 2015 को निधन हो गया था.
बता दें कि करिश्मा कपूर के बच्चों समायरा और कियान ने दिल्ली हाई कोर्ट में एक दीवानी मुकदमा दायर किया, जिसमें आरोप लगाया गया कि उनकी सौतेली मां प्रिया सचदेवा कपूर ने उनके पिता की वसीयत में गड़बड़ी करने की कोशिश की.
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-भारत एक्सप्रेस
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