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केरल हाईकोर्ट से के सी वेणुगोपाल को बड़ी राहत, माकपा नेता की चुनाव चुनौती याचिका खारिज

केरल हाईकोर्ट ने कांग्रेस महासचिव और सांसद के. सी. वेणुगोपाल को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दायर चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है.

के सी वेणुगोपाल

के सी वेणुगोपाल

केरल हाईकोर्ट से कांग्रेस महासचिव और सांसद के सी वेणुगोपाल को बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने के सी वेणुगोपाल के खिलाफ दायर चुनाव याचिका को खारिज कर दिया है. यह याचिका सीपीआई (एम) के नेता ए. एम आरिफ द्वारा 2024 के लोकसभा चुनाव में अलाप्पुझा निर्वाचन क्षेत्र से वेणुगोपाल की जीत को चुनौती देते हुए दायर की गई थी.

जस्टिस जी. गिरीश ने सुनवाई के दौरान दायर याचिका को सिविल प्रक्रिया संहिता के आदेश VII नियम 11 के तहत खारिज कर दिया है. अदालत ने अपने फैसले में माना है कि दायर याचिका प्रारंभिक स्तर पर ही सुनवाई योग्य नहीं है. कोर्ट आदेश VII नियम 11 के तहत किसी भी याचिका या वाद को शुरुआत में ही खारिज कर सकती है, यदि उसमें पर्याप्त कारण न हो, कानूनी आवश्यकताओं के पालन न किया गया हो या मामला कानूनन बाधित प्रतीत होता हो.

बता दें कि केरल की अलाप्पुझा सीट पर 12 बार चुनाव हो चुके है. जिसमें से 8 बार कांग्रेस ने जीत हासिल किया है. वेणुगोपाल ने सीपीआई (एम) को 63513 वोटों के अंतर से हराया था. सीपीआई (एम) नेता और पूर्व सांसद ए. एम. आरिफ ने अदालत में दावा किया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान के. सी वेणुगोपाल ने कथित तौर पर भ्र्ष्ट चुनावी तरीकों का सहारा लिया, जिसके कारण उनका चुनाव अमान्य घोषित किया जाना चाहिए.

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जे. ओम प्रकाश ने पक्ष रखा

इससे पहले न्यायमूर्ति ए बदरुद्दीन ने इस केस की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था. इसके बाद मामला जस्टिस जी गिरीश के बाद सूचीबद्ध हुआ था. जिसपर सुनवाई करते हुए याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज कर दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि यह याचिका पहली नजर में सुनवाई योग्य नही है.

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ए. एम. अरिफ की ओर से पेश वकील जे. ओम प्रकाश ने पक्ष रखा. जबकि के. सी वेणुगोपाल की तरफ से एस श्रीकुमार ने रखा.

बता दें कि के. सी वेणुगोपाल अलाप्पुझा से 2014 में सांसद चुने गए थे. कांग्रेस नेता वेणुगोपाल 2011 से 2014 तक यूपीए सरकार में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री रह चुके है. इसके अलावा वह तीन बार विधायक भी रह चुके है. 2004 से 2006 तक केरल सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रह चुके हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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