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लाल किला हमला: आतंकी आरिफ की क्यूरेटिव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और NIA को भेजा नोटिस

लाल किला हमले के दोषी आरिफ उर्फ अशफाक की फांसी पर सस्पेंस बरकरार है. सुप्रीम कोर्ट ने आतंकी की क्यूरेटिव याचिका पर केंद्र सरकार और NIA को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. 24 साल पहले हुए इस हमले में तीन लोग शहीद हुए थे.

Lal Quila Attack Case
Edited by Vaibhav Gupta

लाल किला हमले के दोषी और लश्कर ए तैयबा के आतंकी आरिफ उर्फ अशफाक की ओर से दायर क्यूरेटिव याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और एनआईए को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस जे. के महेश्वरी की पीठ ने यह नोटिस जारी किया है.

मामले पर पुनर्विचार

मामले की सुनवाई के दौरान दोषी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि मौत की सजा को अपील और पुनर्विचार में बरकरार रखने के बाद सुप्रीम कोर्ट के कुछ बाद के फैसले के आलोक में मामले पर पुनर्विचार किया जाना चाहिए.

इससे पहले 2000 के सनसनीखेज लाल किले के हमले के मामले में दी गई मौत की सजा के फैसले पर पुनर्विचार की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति से दया याचिका खारिज हो चुका है, लेकिन आरिफ के पास बचा हुआ यह अंतिम विकल्प है.

पहले काट लिया उम्रकैद के बराबर की सजा

साल 2000 में मोहम्मद आरिफ ने लाल किले पर हमला किया था. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 22 नवंबर 2022 को आरिफ मोहम्मद की ओर से दायर पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया था. आरिफ का कहना है कि वह उम्रकैद के बराबर की सजा पहले ही जेल में काट चुका है.

बता दें कि 22 दिसंबर 2000 में दिल्ली के लाल किले पर हुए हमले में तीन लोगों की मौत हो गई थी. इसमें सेना के दो जवान शामिल है. आरिफ को इस मामले में गिरफ्तार किया गया था. बाद में आरिफ को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. सुप्रीम कोर्ट ने 2011 में दोषसिद्धि को चुनौती देने वाली अपील को खारिज कर दी थी. उड़की समीक्षा याचिका भी खारिज कर दी थी. 28 अप्रैल 2014 को कोर्ट ने फांसी पर रोक लगा दिया था..

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-भारत एक्सप्रेस



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