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दिवंगत करोबारी संजय कपूर की ₹30 हजार करोड़ की संपत्ति विवाद से संबंधित मामले में 13 अक्टूबर को सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिवंगत करोबारी संजय कपूर की ₹30 हजार करोड़ की संपत्ति विवाद से संबंधित मामले में फिल्म अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों की ओर से दायर याचिका पर 13 अक्टूबर को सुनवाई करेगा.

Edited by Vaibhav Gupta

दिल्ली हाई कोर्ट ने दिवंगत करोबारी संजय कपूर की ₹30 हजार करोड़ की संपत्ति विवाद से संबंधित मामले में फिल्म अभिनेत्री करिश्मा कपूर के दोनों बच्चों की ओर से दायर याचिका पर 13 अक्टूबर को सुनवाई करेगा.

आपराधिक शिकायत के लिए पर्याप्त सामग्री

मामले की सुनवाई के दौरान संजय कपूर की मां रानी कपूर की ओर से पेश वकील ने कहा इस बात की जांच होनी चाहिए कि दस्तावेज मीडिया को किसने लीक किया. वहीं याचिकाकर्ता के वकील महेश जेठमलानी ने कहा कि संपत्ति पर तीसरे पक्ष के अधिकारों में यथास्थिति होनी चाहिए.

जेठमलानी ने आरोप लगाते हुए कहा कि यह स्पष्ट रूप से जाली दस्तावेज है और यह एक साजिश है. जेठमलानी ने कहा कि आपराधिक शिकायत के लिए पर्याप्त सामग्री मौजूद है. जस्टिस ज्योति सिंह दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है.

याचिका सुनवाई योग्य नहीं

पिछली सुनवाई में प्रिया सचदेव कपूर की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव नायर ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. जबकि याचिकाकर्ता की ओर से पेश वरिष्ठ वकील महेश जेठमलानी ने फर्जी वसीयत का हवाला देते हुए कहा था कि संजय कपूर की मौत के बाद संपत्ति का बंटवारा चाहते है.

जेठमलानी ने कहा था कि वसीयत पंजीकृत नहीं है. संजय कपूर बच्चों की संपत्ति सुरक्षित रखने में बहुत सावधानी बरत रहे थे. यह सच है कि यह वसीयत पंजीकृत नहीं है. इसलिए हमारे पास एक ऐसा दस्तावेज़ है. जो अचानक सामने आता है और सबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि बच्चों को इसमें पूरी तरह से छोड़ दिया गया है.

सात हफ्ते तक दबाकर रखा वसीयत

बता दें कि संजय कपूर का जून 2025 में यूनाइटेड किंगडम में निधन हो गया था. करिश्मा कपूर और संजय कपूर की शादी 2003 में हुई थी और 2016 में दोनों का तलाक हो गया था. दोनों के एक बेटा और एक बेटी है. बच्चों का आरोप है कि प्रिया कपूर ने अपने सहयोगियों दिनेश अग्रवाल और नितिन शर्मा के साथ मिलकर इस वसीयत को सात हफ्ते तक दबाकर रखा और 30 जुलाई 2025 को परिवार की बैठक में इसे पेश किया.

याचिकाकर्ता का कहना है कि यह वसीयत फर्जी मनगढ़ंत और संदिग्ध परिस्थितियों में तैयार की गई है. न तो इसकी मूल प्रति और न ही कोई कॉपी अब तक उन्हें दिखाई गई है. बता दें कि संजय कपूर का निधन लंदन में गोल्फ खेलते समय ही गया था. मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके मुंह में मधुमक्खी चली गई. इसके बाद हार्टअटैक से मौत हो गई.

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-भारत एक्सप्रेस



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