म्यामांर में आतंकी ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों के मामले में जांच पूरी करने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट ने एनआईए को 90 दिन का समय दिया है. आरोपियों में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक शामिल है. मई में कोर्ट ने सभी को 30 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था.पटियाला हाउस कोर्ट के स्पेशल जज प्रशांत कुमार शर्मा ने यह निर्देश दिया है.
पिछली सुनवाई के दौरान एनआईए ने जांच को बहुत सेंसिटिव बताया था और कहा था कि इसके ग्लोबल असर हो सकते है. पिछले दिनों कोर्ट ने सभी को 11 दिन की एनआईए रिमांड पर भेज दिया था. गिरफ्तार किए गए विदेशियों में से एजेंसी ने तीन यूक्रेनी नागरिक को दिल्ली से, तीन को लखनऊ से और एक अमेरिकी नागरिक को कोलकाता से गिरफ्तार किया है. इनपर आरोप है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए और यहां से मिजोरम गए और वहां से गैरकानूनी तरीके से म्यामांर चले गए. इन लोगो पर आरोप है कि म्यामांर के एथेनिक ग्रुप के संपर्क मे थे..वहां आतंकी गुटों को हथियार चलाने और ड्रोन चलाने की ट्रैनिंग दिया था.
एनआईए की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
आरोप है कि इन लोगों ने यूरोप से ड्रोन मंगाए थे. म्यामांर से वापस इंडिया आने पर NIA ने इनको गिरफ्तार किया गया है. सूत्रों के अनुसार 8 अन्य यूक्रेनियन की तलाश जारी है. कुल 14-15 लोगों का ग्रुप था. ये लोग यूरोप से बड़े पैमाने पर ड्रोन पहुचा रहे थे, जो संभवतः भारत से जुड़े उग्रवादी समूहों तक पहुच सकते थे. फंडिंग के लिए पैसा कहां से आया? एनआईए इसका भी पता लगा रही है कि इसके पीछे कौन हैंडलर हैं? क्या, किसी देश का इसके पीछे हाथ है या फिर भारत की धरती से बाहर पनप रहे कुछ आतंकवादी संगठनों का? जिनके हैंडलरो ने यह कोशिश की. आरोपी कई बार ट्रेनिंग देने आ चुके है.
इस बार वे गुवाहाटी पहुचे और फिर मिजोरम से अवैध रूप से म्यामांर में घुसे, जहां ट्रेनिंग दी. भारत लौटने पर एनआईए ने 13 मार्च 2026 को उन्हें गिरफ्तार किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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