छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग भर्ती अनियमितता के मामले में ईडी ने जांच के दायरे को बढ़ाते हुए बड़ी कार्रवाई की है. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने रायपुर, भिलाई, राजनांदगांव समेत कई स्थानों पर छापेमारी की कार्रवाई की है.
इस मामले में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी जेके ध्रुव पहले से ही जेल में बंद है. अब भारतमाला प्रोजेक्ट में हुई गड़बड़ी में उनका नाम सामने आ रहा है. जिसके बाद ईडी की टीम ने उनके घर समेत तीन ठिकानों पर छापेमारी की है. जिसमें आरोपो से संबंधित कई दस्तवेज, डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की गई है. मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, मनी लॉन्ड्रिंग और चयन प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़ा है.
एनजीओ अध्यक्ष थीं सोनवानी की पत्नी
इस मामले में पहले ही कई बड़े अधिकारी सलाखों के पीछे है. आरोप है कि तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी ने अपने पद का दुरुपयोग किया. उन्होंने अपने रिश्तेदारों और करीबी लोगों को अनुचित लाभ पहुचाया. जांच में सामने आया कि एक निजी कंपनी से सीएसआर मद के तहत 45 लाख रुपए एक एनजीओ को दिए गए. इस एनजीओ की अध्यक्ष सोनवानी की पत्नी थी. इन पैसों के बदले प्रश्नपत्र लीक किए गए थे.
इस पूरे मामले में सीबीआई पहले ही जांच कर रही थी और अब ईडी की कार्रवाई से केस और गंभीर होता दिख रहा है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि भर्ती प्रक्रिया में कितने लोगों को अवैध लाभ मिला और कौन-कौन शामिल है. अभ्यर्थियों ने इसको लेकर विरोध किया था. विपक्ष ने भी इसको मुद्दा बनाया था. इसके बाद राज्य सरकार ने मामले को सीबीआई को सौंप दिया था.
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल हो चुका है. सीबीआई ने अभी तक 400 से 700 फाइनल चार्जशीट दाखिल कर चुकी है. सीबीआई जांच में 29 लोगों की भूमिका सामने आया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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