Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

संसद सुरक्षा चूक मामले में कथित आरोपी नीलम आजाद को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत

संसद सुरक्षा चूक मामले की आरोपी नीलम आज़ाद को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने उनकी जमानत की शर्तों में संशोधन करते हुए उन्हें पैतृक गांव जाने की अनुमति दी है, हालांकि उन्हें हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को स्थानीय थाने में रिपोर्ट करना होगा.

संसद सुरक्षा चूक मामले में कथित आरोपी नीलम आजाद को दिल्ली हाई कोर्ट से राहत मिल गई है. कोर्ट ने नीलम आजाद की जमानत की शर्तो संशोधन कर दिया है. जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद और जस्टिस हरीश वैधनाथन शंकर की पीठ ने नीलम को दिल्ली से बाहर जाने की अनुमति दे दी है, लेकिन दिल्ली छोड़ने से पहले पैतृक गांव का पता उन्हें जांच अधिकारी को देना होगा.

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि नीलम पैतृक गांव जाकर हर सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को सुबह 10 बजे स्थानीय थाने में जाकर रिपोर्ट करेंगी. नीलम आजाद द्वारा दाखिल अर्जी में कहा गया है कि वह एक गरीब परिवार के सदस्य है और हरियाणा में अपने पैतृक गांव जाकर एलएलबी की पढ़ाई करना चाहती है. लेकिन एलएलबी में प्रवेश के लिए उन्हें परीक्षा देनी होगी, जो दिल्ली के बाहर भी हो सकती है. मामले की सुनवाई के दौरान नीलम के वकील ने कोर्ट को भरोसा दिलाया कि कोर्ट की सभी शर्तों का पालन कर रही है. वही दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चार्जशीट दाखिल हो चुका है.

दिल्ली हाई कोर्ट ने 2जुलाई 2025 को नीलम को जमानत देते हुए कहा था कि बगैर कोर्ट के अनुमति के दिल्ली नही छोड़ेंगी.

चार्जशीट में छह आरोपियों के नाम शामिल

इस मामले में जिन आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया गया है उनमें मनोरंजन डी, ललित झा, अमोल शिंदे, महेश कुमावत, सागर शर्मा और नीलम आज़ाद का नाम शामिल है. बता दें कि यूएपीए 1967 में बना था, जिसे 2019 में केंद्र सरकार ने संशोधित किया था. दिल्ली पुलिस ने नवंबर 2022 में दिल्ली हाइकोर्ट में जवाब दाखिल कर बताया था कि उसकी तरफ से उस वक्त तक 98 केस यूएपीए के तहत दर्ज किए गए थे.

ये भी पढ़ें:  सुप्रीम कोर्ट से संसद तक ज्ञानेश कुमार की ‘टेंशन’; कानून के जानकारों ने बताया, क्यों जा सकती है CEC की कुर्सी

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital