Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

NEET UG 2026: पेपर लीक के आरोपियों को राहत नहीं, राउज एवेन्यू कोर्ट ने 24 जुलाई तक बढ़ाई 10 की न्यायिक हिरासत

दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में आरोपियों की न्यायिक हिरासत 24 जुलाई तक बढ़ा दी है. सीबीआई जांच में खुलासा हुआ है कि मास्टरमाइंड दिनेश के परिवार के 5 बच्चों का साल 2025 में एमबीबीएस में चयन हुआ था, जिसकी अब अलग से जांच हो रही है.

Rouse Avenue Court

Rouse Avenue Court

देश की बहुचर्चित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा स्नातक (NEET-UG 2026) पेपर लीक मामले में गिरफ्तार सभी मुख्य आरोपियों को तगड़ा झटका लगा है. आरोपियों की पिछली न्यायिक हिरासत (जुडिशियल कस्टडी) की अवधि समाप्त होने के बाद उन्हें दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने शुभम खैरनार, मनीषा वाघमारे, धनंजय लोखंडे सहित सभी आरोपियों की न्यायिक हिरासत की अवधि को आगामी 24 जुलाई 2026 तक के लिए बढ़ा दिया है.

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए 10 आरोपी

राउज़ एवेन्यू कोर्ट में जिन आरोपियों को तिहाड़ जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए जज के समक्ष पेश किया गया, उनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • यश यादव
  • मांगीलाल बिलाल (बिवाल)
  • दिनेश बिवाल
  • विकास बिवाल
  • धनंजय लोखंडे
  • तेजस हर्षद शाह
  • शुभम खैरनार
  • मनीषा वाघमारे
  • मनीषा हवलदार
  • डॉक्टर मनोज थिरुरे

सीबीआई का कोर्ट में दावा

मामले की उच्च स्तरीय सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) के वकीलों ने अदालत को बताया कि शुभम खैरनार सहित अन्य सभी आरोपी परीक्षा शुरू होने से काफी पहले ही नीट-यूजी 2026 परीक्षा के गोपनीय प्रश्नपत्रों को लीक करने और इस पूरी साजिश को अंजाम देने में सक्रिय रूप से शामिल थे.

इससे पहले कोर्ट ने भी इस गंभीर रैकेट पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था कि मामले के शुरुआती तथ्यों और सबूतों से साफ तौर पर ऐसा प्रतीत होता है कि महज पैसों के लालच में देश की इतनी बड़ी और गोपनीय परीक्षा के पेपर लीक करने तथा उन्हें अवैध रूप से परीक्षार्थियों के बीच बांटने के लिए एक बहुत बड़ा ‘संगठित गिरोह’ (ऑर्गेनाइज्ड गैंग) काम कर रहा था.

BNS और एंटी-पेपर लीक एक्ट के तहत केस दर्ज

  • सीबीआई ने इस पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए देशव्यापी छापेमारी की थी, जिसके तहत:
  • शुभम खैरनार को महाराष्ट्र के नासिक से गिरफ्तार किया गया था.
  • मांगीलाल बिवाल, विकास बिवाल और दिनेश बिवाल को जयपुर (राजस्थान) से दबोचा गया था.
  • यश यादव को हरियाणा से हिरासत में लिया गया था.

जांच एजेंसी सीबीआई द्वारा दर्ज मुख्य एफआईआर (FIR) में आरोपियों के खिलाफ आपराधिक साजिश (क्रिमिनल कॉन्स्पिरेसी), धोखाधड़ी (चीटिंग), आपराधिक विश्वासघात (क्रिमिनल ब्रीच ऑफ ट्रस्ट) के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS), भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) और देश के नए ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024’ (Anti-Paper Leak Act) की कई अन्य संबंधित व गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है.

सीबीआई जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड दिनेश लंबे समय से देश के विभिन्न राज्यों में प्रतियोगी परीक्षाओं (कॉम्पिटिटिव एग्जाम्स) से जुड़े अवैध सॉल्वर गैंग और पेपर लीक नेटवर्क के सीधे संपर्क में था. जांच एजेंसियों के सामने सबसे चौंकाने वाला और संदेहास्पद तथ्य यह आया है कि आरोपी दिनेश के अपने ही परिवार के कुल पांच बच्चों का पिछले साल यानी वर्ष 2025 में देश के विभिन्न सरकारी मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस (MBBS) पाठ्यक्रम में चयन हुआ था.

ये भी पढ़ें: लखनऊ के याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट में पार की बदतमीजी की हदें, CJI बोले- कार्रवाई नहीं करेंगे

खुद मुख्य आरोपी दिनेश ने भी सोशल मीडिया पर नवंबर 2025 में इसे अपने पूरे परिवार के लिए एक बेहद गर्व का विषय बताते हुए बकायदा पोस्ट किया था. सीबीआई की विशेष टीम अब इस बिंदु पर गहराई से जांच कर रही है कि कहीं इन पांचों अभ्यर्थियों को भी किसी अवैध या अनुचित तरीके से वर्ष 2025 की नीट परीक्षा में तो लाभ नहीं पहुँचाया गया था. फिलहाल, सीबीआई की टीमें पूरे देश में फैले इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी हुई हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पेपर लीक की जड़े वास्तव में कितनी गहराई तक धंसी हुई हैं.



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital