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NIA ने म्यांमार में आतंकी ट्रेनिंग देने वाले अमेरिकी और 6 यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया

एनआईए ने म्यामांर में आतंकी ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है.

NIA Discloses Foreign Citizens Involvement In Myanmar Drone Attack Case Bharat Express

एनआईए ने म्यामांर में आतंकी ट्रेनिंग देने के आरोप में गिरफ्तार सात विदेशी नागरिकों के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है. जिन नागरिकों के खिलाफ एनआईए ने यह चार्जशीट दाखिल किया है, उनमें अमेरिकी मैथ्यू वैनडाइक और छह यूक्रेनी नागरिको कामिस्की विक्टर, हुर्बा पेट्रो, स्लिविएक तारास, इवान सुकमानोव्स्की, स्टेफानकीव मारियान और होंचारुक मैक्सिम शामिल है.

राऊज एवेन्यु कोर्ट के स्पेशल जज प्रशांत शर्मा की अदालत में दाखिल चार्जशीट में आरोपियों पर आव्रजन और विदेशी अधिनियम की धाराओं 21 और 23 के तहत भारत मे अवैध प्रवेश, ठहरने और आवाजाही के आरोप लगाए गए है. हालांकि एनआईए ने इन सभी पर फिलहाल यूएपीए की धारा नही लगाया है. गिरफ्तार सभी सातों नागरिकों को 13 मार्च 2026 को गिरफ्तार किया गया था. हालही में एनआईए ने कोर्ट को बताया था कि मार्च में गिरफ्तार किए गए सात विदेशी नागरिक म्यांमार में एक नागरिक विमान हमले में संलिप्तता का संकेत मिला है. पिछले दिनों कोर्ट ने दो आरोपियों से जेल में पूछताछ की अनुमति दी थी.

पूछताछ के बाद NIA ने अदालत में सौंपी रिपोर्ट

एनआईए की ओर से 19 अगस्त को दायर अर्जी में कहा गया था कि केंद्र सरकार को भरोसेमंद जानकारी मिली है कि कुछ यूक्रेनी और अमेरिकी नागरिक म्यांमार में नागरिक विमान पर हुए ड्रोन हमले में शामिल रहे है. जिसके बाद निचली अदालत ने एनआईए को इनसे पूछताछ की अनुमति दी थी. जिनसे पूछताछ के बाद एनआईए ने अपनी रिपोर्ट अदालत को सौंपा है. एनआईए का आरोप है कि वैन डाइक और अन्य आरोपियों का भारत और म्यांमार में सक्रिय जातीय सशस्त्र समूहों से जुड़ी साजिश में शामिल रहे है. वही वैन डाइक के परिवार ने उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर चिंता जताई है.

परिवार का दावा है कि उनके पैर में चोट, आंखों की रोशनी कमजोर होने और दवाइयों से जुड़ी समस्या है. परिवार का आरोप है कि वैन डाइक को तिहाड़ में.सीमित संपर्क की अनुमति है और उनकी 80 साल से अधिक उम्र की मां को उनसे केवल कुछ मिनट की आपातकालीन फोन कॉल की अनुमति मिली थी. मामले में एनआईए ने सात लोगो को गिरफ्तार किया है.

टूरिस्ट वीजा पर भारत आए थे आरोपी

पिछली सुनवाई में कोर्ट ने इसकी जांच के लिए एनआईए को 90 दिन का समय दे दिया था. गिरफ्तार आरोपियों में छह यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक शामिल है. इनपर आरोप है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आए और यहां से मिजोरम गए और वहां से गैरकानूनी तरीके से म्यामांर चले गए. इन लोगो पर आरोप है कि म्यामांर के एथेनिक ग्रुप के संपर्क मे थे. वहां आतंकी गुटों को हथियार चलाने और ड्रोन चलाने की ट्रैनिंग दिया था. आरोप है कि इन लोगों ने यूरोप से ड्रोन मंगाए थे. म्यामांर से वापस इंडिया आने पर NIA ने इनको गिरफ्तार किया गया है.

सूत्रों के अनुसार 8 अन्य यूक्रेनियन की तलाश जारी है. कुल 14-15 लोगों का ग्रुप था. ये लोग यूरोप से बड़े पैमाने पर ड्रोन पहुचा रहे थे, जो संभवतः भारत से जुड़े उग्रवादी समूहों तक पहुच सकते थे. फंडिंग के लिए पैसा कहां से आया? एनआईए इसका भी पता लगा रही है कि इसके पीछे कौन हैंडलर हैं? क्या, किसी देश का इसके पीछे हाथ है या फिर भारत की धरती से बाहर पनप रहे कुछ आतंकवादी संगठनों का? जिनके हैंडलरो ने यह कोशिश की. आरोपी कई बार ट्रेनिंग देने आ चुके है. इस बार वे गुवाहाटी पहुचे और फिर मिजोरम से अवैध रूप से म्यामांर में घुसे, जहां ट्रेनिंग दी.

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-भारत एक्सप्रेस



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