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पूर्व आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर नोटिस जारी

पूर्व आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार की अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से जवाब मांगा है. 2 साल 8 माह से जेल में बंद पाटीदार को हत्या के आरोप से क्लीनचिट मिल चुकी है, लेकिन आत्महत्या के लिए उकसाने का केस जारी है.

Manilal Patidar
Edited by Akansha

यूपी कैडर के 2014 बैच के पूर्व आईपीएस अधिकारी मणिलाल पाटीदार की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 11 जून को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. जस्टिस बीवी नागरत्ना ने उत्तर प्रदेश सरकार से दो सप्ताह में जवाब देने को कहा है.

मणिलाल 2 साल 8 माह से जेल में है बंद

मामले की सुनवाई के दौरान पाटीदार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने कोर्ट को बताया कि मणिलाल 2 साल 8 माह से जेल में बंद है, उन्होंने आत्मसमर्पण किया है.चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, लेकिन अभी तक चार्जफ्रेम नहीं हुआ है.मणिलाल पाटीदार राजस्थान के डूंगरपुर जनपद के सरौदा का रहने वाला है. वह फिलहाल फरार है.

महज 24 साल की उम्र में बने थे IPS

मणिलाल पाटीदार महज 24 साल की उम्र में यूपीएससी में 188 वीं रैंक हासिल कर आईपीएस बने थे. आय से अधिक संपत्ति के मामले में पाटीदार की राजस्थान के सरौदा के साथ ही गुजरात में भी संपत्ति चिन्हित की गई है. पूर्व आईपीएस मणिलाल ने राजस्थान में अपने पिता रामजी के नाम जमीन और फ्लैट भी खरीदा है. इसके अलावा जमीन, दुकान समेत अन्य प्रॉपर्टी का भी पता लगा है. इनकी मार्केट वैल्यू करीब 50 से 60 करोड़ बताई गई है.

पाटीदार के बड़ौदा में दो अकाउंट का लगाया गया पता

पाटीदार के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ बड़ौदा में दो अकाउंट का भी पता लगा है. इनकी जांच के बाद पत्नी के अकाउंट में बड़ी रकम ट्रांसफर करने की जानकारी भी मिली थी. बता दें कि मणिलाल पाटीदार सितंबर 2020 में महोबा जिले के बतौर एसपी कार्यरत था. उसी दौरान क्रेशर व्यवसायी इंद्रकांत त्रिपाठी ने गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी.

मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का था आरोप

आत्महत्या से पहले त्रिपाठी ने कई वीडियो सोशल मीडिया में डाला था, जिनमें महोबा एसपी मणिलाल पाटीदार पर छह लाख रुपए प्रति माह रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था. उसी दौरान यूपी सरकार के एक्शन में आने के बाद मणिलाल पाटीदार के खिलाफ धारा 307 के तहत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज हुआ था, जिसे 13 सितंबर 2020 को ईलाज के दौरान इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के बाद 302 यानि हत्या के तहत भी मामला दर्ज किया गया.

मणिलाल को हत्या के आरोप से मिली क्लिनचिट

बाद में यूपी के तत्कालीन डीजीपी हितेश चंद्र अवस्थी के आदेश पर एसआईटी जांच में मणिलाल पाटीदार को हत्या के आरोप से क्लिनचिट मिल गई, लेकिन एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में मृतक व्यापारी की मौत को सुसाइड बताकर मणिलाल पाटीदार के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया था.

-भारत एक्सप्रेस 



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