Sushil Ansal Fraud Case: पटियाला हाउस कोर्ट ने एसोसिएशन ऑफ द विक्टिम्स ऑफ उपहार ट्रेजरी (AVUT) को व्यवसायी सुशील अंसल के खिलाफ धोखाधड़ी के एक मामले में अभियोजन पक्ष की सहायता करने की अनुमति दे दी है. अंसल को साल 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड में दोषी ठहराया गया था. जिसमें 59 लोगों की मौत हो गई थी.
पटियाला हाउस कोर्ट के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्रेया अग्रवाल ने कहा कि मामले में जिस एसोसिएशन के कहने पर कानून बनाया गया था, उसे अभियोजन पक्ष की सहायता करने का अधिकार मिलना चाहिए. इस पर कानून की कोई रोक नही है. अदालत ने कहा कि एवीयूटी को वर्तमान मामले में अभियोजन पक्ष की सहायता करने की स्वतंत्रता है. इससे अभियुक्त के प्रति कोई पूर्वाग्रह नही होगा. एसोसिएशन ऑफ द विक्टिम्स ऑफ उपहार ट्रेजरी की अध्यक्ष नीलम कृष्णमूर्ति ने अभियोजन पक्ष की सहायता के लिए आवेदन दाखिल किया था, जिसमें जांच और चार्जशीट दाखिल करने में कुछ आपत्तियां उठाई थी.
अंसल पर दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने वर्ष 2019 में पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12 के तहत मामला दर्ज किया था, जो राष्ट्रीय के बारे में जानकारी छिपाकर पासपोर्ट लेने से संबंधित है. प्राथमिकी आईपीसी की धारा 177 (जानबूझकर किसी लोक सेवक को गलत जानकारी देना) और 181 (लोक सेवक या शपथ दिलाने के लिए अधिकृत व्यक्ति को शपथ पर झूठा बयान देना), 192 (झूठे साक्ष्य गढना), 197 (झूठा प्रमाण पत्र जारी करना या हस्ताक्षर करना) और 420 (धोखाधड़ी) के तहत भी दर्ज की गई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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