Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

डीजे और लाउडस्पीकर के शोर से हैं परेशान? अब ऐसे करें शिकायत, पटना हाईकोर्ट ने दिया चेतावनी

पटना हाई कोर्ट ने लाउडस्पीकर और DJ के तेज शोर को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सरकार को अहम निर्देश दिए हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक तेज आवाज के संपर्क में रहने से सुनने की क्षमता पर गंभीर असर पड़ सकता है.

रिपोर्ट- धर्मेंद्र आनंद, बिहटा, पटना


पटना में तेज आवाज में बजने वाले लाउडस्पीकर और DJ को लेकर पटना हाई कोर्ट ने अहम निर्देश दिया है. अदालत ने साफ कहा है कि ध्वनि प्रदूषण को सिर्फ शोर या परेशानी मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसका सीधा असर लोगों की सेहत पर पड़ता है और खास तौर पर बच्चों, बुजुर्गों तथा गर्भवती महिलाओं को इससे बचाना पुलिस और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी है.

यह मामला एक लोकहित याचिका की सुनवाई के दौरान सामने आया. सुनवाई के बाद कोर्ट ने सरकार को निर्देश दिया कि ध्वनि प्रदूषण से लोगों को राहत दिलाने के लिए जरूरी कदम गंभीरता से उठाए जाएं. अदालत की चिंता सिर्फ तेज आवाज तक सीमित नहीं है, बल्कि उन लोगों की सेहत को लेकर भी है जो लगातार शोर के बीच रहने के लिए मजबूर होते हैं.

ध्वनि प्रदूषण को लेकर कोर्ट की सख्त टिप्पणी

आजकल शादी-ब्याह, धार्मिक कार्यक्रमों, जुलूसों और दूसरे आयोजनों में DJ और लाउडस्पीकर की तेज आवाज आम बात हो गई है. कई बार देर रात तक तेज आवाज में संगीत बजता रहता है. इसका सबसे ज्यादा असर उन लोगों पर पड़ता है जिन्हें शांत माहौल की जरूरत होती है.

कोर्ट ने माना कि ध्वनि प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है. ऐसे में सरकारी विभागों की जिम्मेदारी सिर्फ नियम बनाने तक नहीं, बल्कि जमीन पर उनका पालन सुनिश्चित कराने की भी है. इस फैसले का असर तभी दिखाई देगा, जब राज्य सरकार और संबंधित अधिकारी इसे रोजमर्रा की व्यवस्था का हिस्सा बनाकर प्रभावी तरीके से लागू करें.

अब 112 पर कर सकेंगे शिकायत

पटना हाई कोर्ट ने आम लोगों के लिए एक अहम सुविधा की ओर भी ध्यान दिलाया है. अगर कहीं तेज आवाज या ध्वनि प्रदूषण से परेशानी हो रही है, तो लोग डायल 112 के जरिए शिकायत कर सकते हैं. यानी शिकायत के लिए लोगों को किसी खास समय का इंतजार नहीं करना होगा.

कोर्ट ने सरकार से इस व्यवस्था का गंभीरता से पालन कराने को कहा है, ताकि शिकायत मिलने के बाद संबंधित विभाग और पुलिस समय पर कार्रवाई कर सकें.

डॉक्टरों के मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में कान से जुड़ी परेशानियों को लेकर मरीजों की संख्या बढ़ी है. लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने से सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है. कई लोगों में कम सुनाई देने से लेकर गंभीर श्रवण समस्या तक देखने को मिल रही है.

इसी मुद्दे को लेकर पटना के ENT विशेषज्ञ डॉ. शशि रंजन से हमारे संवाददाता धर्मेंद्र आनंद ने खास बातचीत की. बातचीत में उन्होंने बताया कि लगातार तेज आवाज के संपर्क में रहने से कानों पर पड़ने वाले असर को हल्के में नहीं लेना चाहिए. बच्चों और बुजुर्गों के मामले में अतिरिक्त सावधानी जरूरी है. लंबे समय तक तेज शोर के बीच रहना उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है.

ऐसे में पटना हाई कोर्ट का यह निर्देश लोगों के स्वास्थ्य और शांतिपूर्ण जीवन के अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

ये भी पढ़ें: ‘आप लोकतांत्रिक रूप से चुने गए चेयरमैन नहीं, सिर्फ प्रो-टेम चेयरपर्सन’; BCI प्रमुख पर सुप्रीम कोर्ट की दो टूक

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital