2024 पुणे पोर्श हिट एंड रन मामलों में आरोपी आशीष मित्तल और आदित्य सूद की ओर से दायर जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने राज्य सरकार से चार सप्ताह में जवाब देने को कहा है. मित्तल और सूद पर आरोप है कि उन्होंने कार में सवार दो नाबालिगों के खून के नमूनों को अपने खून के नमूनों से बदल दिया था.
इन आरोपियों पर आईपीसी और भ्रष्टाचार निवारण कानून की विभिन्न धाराओं के तहत जालसाजी, साक्ष्य से छेड़छाड़ और रिश्वतखोरी का मामला दर्ज किया गया था. हालही में बॉम्बे हाई कोर्ट ने आठ आरोपियों विशाल अग्रवाल, आशीष मित्तल, आदित्य सूद, अरुण कुमार सिंह, अशफाक मकंदार, अमर गायकवाड़, डॉक्टर अजय तावड़े और डॉक्टर श्रीहारी हलनोर को जमानत देने से इनकार करते हुए याचिका को खारिज कर दिया था.
सिर्फ निबंध लिखने के बाद मिली जमानत
पुणे के कल्याणी नगर में पिछले साल एक तेज रफ्तार कार ने दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी थी, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी. आरोपों के अनुसार कार चालक नाबालिग है. अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि नाबालिग आरोपी के पिता और अन्य लोगों द्वारा कथित तौर पर रची गई साजिश, जिसके तहत रक्त नमूने से छेड़छाड़ की गई, उन दो निर्दोष लोगों के लिए न्याय की प्रक्रिया को कमजोर करती है, जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई.
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह कृत्य न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि पीड़ितों के प्रति घोर अन्याय भी है. बता दें कि गिरफ्तारी के कुछ ही घंटों बाद, सिर्फ एक निबंध लिखने के बाद लड़के को जमानत मिल गई थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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