यौन शोषण और जबरन गर्भपात के मामले में कांग्रेस से निष्कासित विधायक राहुल ममकुटाथिल को सुप्रीम कोर्ट से फिलहाल राहत मिल गई है. कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत को बरकरार रखा है. जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर की पीठ ने यह आदेश दिया है. साथ ही कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट द्वारा की गई टिप्पणी को हटाने का आदेश दिया है.
कोर्ट ने पीड़िता की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है. तीन रेप केस मामलों में से एक मामले में मिली अग्रिम जमानत को बरकरार रहा है. हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देते हुए कहा था कि जांच एजेंसी यह साबित नहीं कर पाई कि मामले में विधायक की हिरासत में पूछताछ जरूरी है. अदालत ने यह भी कहा था कि शिकायतकर्ता के व्यवहार से पहली नजर में यह लगता है कि दोनों के बीच सहमति से शारीरिक संबंध थे, हालांकि अंतिम फैसला ट्रायल के दौरान ही होगा.
कोर्ट ने राज्य से बाहर जाने पर लगाई पाबंदी
अदालत ने विधायक को कुछ शर्तों के साथ राहत दी थी. उन्हें शिकायतकर्ता या गवाहों से संपर्क न करने, सबूतों से छेड़छाड़ न करने, ट्रायल कोर्ट की अनुमति के बिना केरल से बाहर न जाने और अपना पासपोर्ट जमा करने का आदेश दिया था. पीड़िता द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा था कि हाई कोर्ट ने जमानत देते समय मिनी ट्रायल कर दिया, जो ट्रायल को प्रभावित कर सकता है. यह कहना गलत है कि महिला का आरोपी के कमरे में जाना या उससे परिचित होना, सहमति साबित करता है. याचिका में यह भी कहा गया था कि सहमति कोई ब्लैंकेट लाइसेंस नहीं है, जिसे कभी भी वापस लिया जा सकता है.
आरोप है कि आरोपी ने अश्लील तस्वीरें लेकर धमकाया और जबरन गर्भपाल के लिए मजबूर किया.
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-भारत एक्सप्रेस
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