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रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट से आई बड़ी खबर; अदालत ने लिया ये फैसला

Ram Setu Case: रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग वाली सुब्रमण्यम स्वामी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई 4 सप्ताह के लिए टाल दी है. स्वामी के स्वास्थ्य कारणों के चलते उनके वकील ने यह समय मांगा. याचिका में कहा गया है कि रामसेतु ऐतिहासिक और धार्मिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है.

Supreme Court of India
Edited by Shubhra Rai

Ram Setu Case: रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई को टाल दिया है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से पेश वकील की मांग पर सुनवाई को टाल दिया है. कोर्ट 4 सप्ताह बाद मामले में अगली सुनवाई करेगा. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि स्वामी मामले में खुद बहस करना चाहते हैं, लेकिन उन्हें कुछ स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत है. लिहाजा सुनवाई को टाल दिया जाए.

दायर याचिका में कहा गया है कि,

रामसेतु का ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण है. सरकार को इसपर जल्द फैसला लेना चाहिए. स्वामी ने याचिका में कहा है कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार को निर्देश दे दी वह राम सेतु को राष्ट्रीय स्मारक और राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की मांग पर वाली याचिका पर जल्द फैसला ले. सुब्रमण्यम स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि केंद्र सरकार राम सेतु को किसी भी तरह के दुरुपयोग, प्रदूषण या अपवित्रता से बचाने के लिए बाध्य है.

स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि,

कोर्ट के 2023 के आदेश के अनुसार उन्होंने रामसेतु को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने की मांग को लेकर अर्जी दी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने अभी तक कोई फैसला नहीं लिया है. इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने हलफनामा दाखिल कर कहा था कि वह राम सेतु को राष्ट्रीय विरासत स्मारक घोषित करने की प्रक्रिया में है और सरकार इस पर विचार कर रही है. जिसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी को निर्देश दिया था कि वह इससे जुड़े अतिरिक्त सबूत मंत्रालय को दे सकते है.

स्वामी ने कहा था कि,

वे मंत्रालय को पहले भी कई पत्र भेज चुके है. लेकिन उन्हें किसी का जवाब नहीं आया. उन्होंने कहा कि यह प्राचीन स्मारक और पुरातत्व स्थल और अवशेष अधिनियम 1958 विशेष रूप से अधिनियम की धारा 3 और 4 में मानदंडों को पूरा करता है. राम सेतु प्राचीन स्मारक कहलाने के लिए सभी निर्धारित मानदंडों को पूरा करता है, क्योंकि यह ऐतिहासिक, पुरातात्विक और कलात्मक शर्तो को पूरा करता है. दरअसल सुब्रमण्यम स्वामी ने रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने के लिए याचिका दायर की थी. अपनी याचिका में उन्होंने कहा था कि राम सेतु लाखों हिंदुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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